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आधार के दुरुपयोग की चिंता खत्म, UIDAI लेकर आया ये नया सेफ्टी सिस्टम

Aadhaar Data Vault: आधार डेटा वॉल्ट एक सुरक्षित डिजिटल प्रणाली है, जिसे UIDAI ने सभी संस्थाओं के लिए अनिवार्य किया है जो आधार जानकारी का उपयोग करती हैं। इसमें आधार संख्या और eKYC से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी एन्क्रिप्ट कर एक ही स्थान पर रखी जाती है, जिससे डेटा लीक, अनधिकृत पहुंच और पहचान चोरी का जोखिम कम होता है।

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आधार डेटा वॉल्ट (Aadhaar Data Vault) क्या है? (तस्वीर-istock)

Aadhaar Data Vault : जब बैंक, फिनटेक कंपनियां और सरकारी एजेंसियां लोगों की आधार जानकारी तक पहुंच रखती हैं, तो व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा एक बड़ी प्राथमिकता बन जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सभी संस्थाओं को निर्देश दिया है कि वे आधार से जुड़ी जानकारी को एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण, यानी Aadhaar Data Vault (ADV) में स्टोर करें।

Aadhaar Data Vault का उद्देश्य

Aadhaar Data Vault एक सुरक्षित संग्रह प्रणाली (secure storage system) है, जहां आधार संख्या या eKYC XML फाइलों जैसी संवेदनशील जानकारी रखी जाती है। इन फाइलों में व्यक्ति का नाम, जन्म तिथि, लिंग, पता, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी होती है। यह वॉल्ट एक सीमित पहुंच वाले भंडार (restricted access repository) की तरह काम करता है, जिससे आधार नंबर अलग-अलग डेटाबेस में फैले नहीं रहते। सभी आधार नंबर एन्क्रिप्ट होकर एक ही जगह रखे जाते हैं, जिससे डेटा लीक या पहचान चोरी का खतरा काफी कम हो जाता है।

कौन बनाएगा Aadhaar Data Vault?

  • आधार एक्ट 2016 (Aadhaar Act, 2016) के तहत UIDAI ने निर्देश दिया है कि जो भी संस्था आधार का उपयोग प्रमाणीकरण (authentication) के लिए करती है, उसे Aadhaar Data Vault बनाना अनिवार्य है।
  • रिक्वेस्टिंग एंटिटी वह संगठन या व्यक्ति होता है जिसे UIDAI द्वारा आधार जानकारी एकत्र करने और उसे Central Identities Data Repository (CIDR) में सत्यापन हेतु भेजने की अनुमति दी गई है।
  • सरल शब्दों में कहें तो अगर कोई संस्था आपका आधार नंबर संग्रहित करती है या eKYC प्रक्रिया के लिए उसका उपयोग करती है, तो उसे Aadhaar Data Vault स्थापित करना जरूरी है।

UIDAI ने Aadhaar Data Vault क्यों शुरू किया?

UIDAI का मुख्य उद्देश्य है आधार के डिजिटल फुटप्रिंट को कम करना। जितनी कम प्रणालियां वास्तविक आधार नंबर को स्टोर करेंगी, डेटा लीक की संभावना उतनी ही घटेगी। मुख्य लाभ:-

  • आधार नंबर और उससे जुड़ी जानकारी का एन्क्रिप्शन, जिससे अनधिकृत पहुंच रोकी जा सके।
  • नियंत्रित पहुंच (Controlled Access) केवल अधिकृत उपयोगकर्ता ही डेटा देख सकेंगे।
  • ऑडिट ट्रेल (Audit Trail) यह दर्ज रहेगा कि किसने कब डेटा एक्सेस किया।
  • नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) UIDAI द्वारा निर्धारित मानकों का पालन।
  • UIDAI ने इसके लिए सुरक्षा और तकनीकी मानक (Security & Technical Standards) भी तय किए हैं, जिनमें एक्सेस कंट्रोल, एन्क्रिप्शन कीज का प्रबंधन और नियमित ऑडिट शामिल हैं।

आम नागरिकों के लिए इसका क्या मतलब है?

साधारण यूजर्स के लिए Aadhaar Data Vault एक अतिरिक्त सुरक्षा परत (extra layer of security) प्रदान करता है। इसका अर्थ यह है कि जब आप KYC प्रक्रिया के लिए अपना आधार साझा करते हैं, तो आपकी जानकारी केवल एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहित होती है और बिना अनुमति कोई इसे एक्सेस या कॉपी नहीं कर सकता।

UIDAI का Aadhaar Data Vault सिस्टम विश्वास, जवाबदेही और डेटा अनुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। यह सुनिश्चित करता है कि आधार से जुड़ी जानकारी सुरक्षित, नियंत्रित और पारदर्शी तरीके से डिजिटल इकोसिस्टम में उपयोग की जाए।

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रामानुज सिंह
रामानुज सिंह Author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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