Sukanya Samriddhi Yojana Account: केंद्र सरकार देश की बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सुकन्या समृद्धि स्कीम चला रही है। एक एक स्मॉल सेविंग स्कीम है, जिसमें माता-पिता अपनी बेटी के नाम से खाता खुलवाकर निवेश की शुरुआत करते हैं। सरकार की तरफ से इस स्कीम के नियम में बदलाव की घोषणा की गई है। सुकन्या समृद्धि स्कीम के तहत खुले खाते की संरक्षकता में बदलाव किया गया है।
फ्रीज कर दिए जाएंगे ऐसे खाते
अगर सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अकाउंट दादा-दादी द्वारा खोला गया था, लेकिन दादा-दादी कानूनी अभिभावक नहीं थे तो नए नियमों के अनुसार यह खाता अब माता-पिता या कानूनी अभिभावकों को मिल जाएगा। अगर आपके परिवार के नाम पर दो से अधिक खाते हैं, तो अतिरिक्त खाते फ्रीज कर दिए जाएंगे, क्योंकि यह स्कीम के नियमों का उल्लंघन है।
ब्याज दर और टैक्स छूट
समृद्धि योजना बेटियों के लिए एक विशेष योजना है जिसमें 8.2 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है। इस स्कीम में निवेश करने वाले माता-पिता को इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत इनकम टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलता है। आप हर साल 250 से लेकर 1,50,000 रुपये तक का निवेश इस स्कीम में कर सकते हैं। अगर आप एक वित्तीय वर्ष के भीतर 250 या उससे अधिक की राशि जमा करने में असफल रहते हैं, तो आपको 50 रुपये का जुर्माना देना होगा।
कैसे कर सकते हैं निकासी
आप खाता खोलने के समय से लेकर 14 साल तक खाते में पैसे जमा करना जारी रख सकते हैं। इसे मैच्योर होने में 21 साल लगते हैं। हालांकि, शिक्षा और विवाह जैसे खर्चों के लिए आंशिक निकासी कर सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता केवल 10 साल से कम उम्र की लड़कियों का ही खुलता है। माता-पिता या कानूनी अभिवाक यह खाता खुलवा सकते हैं। प्रति परिवार अधिकतम दो खातों की अनुमति है। यदि एक बेटी के बाद दो जुड़वां बेटियां होती हैं तो उन दोनों के लिए भी खाता खोलने की सुविधा है।
एक बार खाता खोलने का काम पूरा हो जाने पर, ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करके पैसा जमा किया जा सकता है। अगर साल में न्यूनतम राशि जमा नहीं करते हैं, तो खाते को डिफॉल्ट कैटेगरी में डाला जा सकता है।
