यूटिलिटी

Teak Wood: सागौन की लकड़ी में 600 साल तक नहीं लगता दीमक, आखिर इसमें ऐसा क्या होता है, क्या आपको मालूम है?

Teak Wood: सागौन की लकड़ी अपनी जबरदस्त खूबियों की वजह से काफी डिमांड में रहती है और ज्यादा डिमांड की वजह से इसकी कीमत भी बाकी लकड़ियों के मुकाबले ज्यादा होती है। सागौन की सबसे खास बात ये है कि इसकी लकड़ी में 600 साल तक दीमक नहीं लगता है।

Image

Teak Wood: सागौन की लकड़ी में 600 साल तक नहीं लगता दीमक

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • सागौन की लकड़ी में पाई जाती है कई खूबियां
  • अपनी खूबियों की वजह से काफी डिमांड में रहता है सागौन
  • सागौन की लकड़ी में 600 साल तक नहीं लगता दीमक

Teak Wood: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य राम मंदिर का काम काफी तेजी से चल रहा है। मंदिर में विराजे जाने वाले भगवान राम की मूर्ति नेपाल से आई शालिग्राम शिला से बनाई जाएगी। इसके अलावा मंदिर में लगाए जाने वाले दरवाजों को सागौन की लकड़ी से बनाया जाएगा. दरवाजों को बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सागौन की लकड़ी को महाराष्ट्र के चंद्रपुर से लाया जा रहा है। सागौन की लकड़ी अपनी कई जबरदस्त विशेषताओं के लिए जानी जाती है। आपको जानकर हैरानी होगी की सागौन की लकड़ी में 600 साल तक दीमक नहीं लगता। लेकिन, यहां एक बड़ा सवाल ये है कि आखिर सागौन की लकड़ी में ऐसा क्या होता है जिससे इसमें 600 साल तक दीमक नहीं लगता।

खूबियों की वजह से जबरदस्त डिमांड में रहता है सागौन

सागौन की लकड़ी में कई तरह की विशेषताएं होती हैं, जो इसे बाकी लकड़ियों से अलग और स्पेशल बनाती हैं। सागौन की खूबियों की वजह से ही मार्केट में इसकी काफी डिमांड भी रहती है। मार्केट में अच्छी डिमांड के कारण ही इसकी कीमत भी हमेशा बाकी लकड़ियों से काफी ज्यादा रहती है। दरअसल, सागौन में टेक्टोनिक नाम का एक खास किस्म का तेल पाया जाता है। ये तेल ही सागौन को बाकी लकड़ियों के मुकाबले ज्यादा स्पेशल बनाता है।

किस वजह से सागौन में नहीं लगता दीमक

सागौन में पाए जाने वाले टेक्टोनिक तेल से इसकी लकड़ी को न सिर्फ शानदार और प्राकृतिक चमक मिलती है बल्कि इस तेल की वजह से ही इसमें 600 साल तक दीमक नहीं लगता। टेक्टोनिक तेल से मिलने वाली प्राकृतिक चमक की वजह से इससे बनने वाले फर्नीचर को बार-बार पॉलिश करने की भी जरूरत नहीं होती है। सागौन में टेक्टोनिक तेल के अलावा अच्छी-खासी मात्रा में रबर भी उपलब्ध होता है। ये तेल और रबर के गुण ही सागौन की लकड़ी को काफी मजबूत और ताकतवर बनाते हैं।

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

और पढ़ें
End of Article