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Monthly Income Scheme: सरकार की इस स्कीम में हर महीने होती है कमाई, बिना नौकरी घर बैठे आएंगे पैसे

Post Office Monthly Income Scheme: डाकघर की मंथली इनकम स्कीम के तहत निवेशकों को सालाना दर से ब्याज मिलता है लेकिन इसका भुगतान हर महीने किया जाता है। मंथली इनकम स्कीम में आप 1000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं। सिंगल अकाउंट और जॉइन्ट अकाउंट में अधिकतम निवेश की लिमिट अलग-अलग है।

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Post Office Monthly Income Scheme: डाक घर की मंथली इनकम स्कीम के तहत निवेशकों को सालाना ब्याज दर से हर महीने भुगतान किया जाता है

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KEY HIGHLIGHTS
  • पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम में हर महीने मिलता है ब्याज
  • 7.4 फीसदी की ब्याज दर से मिलता है रिटर्न
  • 1000 रुपये से शुरू किया जा सकता है MIS खाता

Post Office Monthly Income Scheme: अगर आप भारत में रहते हैं तो आपके पास पैसा इन्वेस्ट (Investment) करने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। हालांकि, देश का आम आदमी इन्वेस्टमेंट के लिए बैंकों और पोस्ट ऑफिस पर सबसे ज्यादा भरोसा करता है। आम आदमी के निवेश के लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस कई तरह के निवेश प्लान ऑफर करते हैं। पोस्ट ऑफिस का एक प्लान तो ऐसा भी है, जिसके जरिए आप हर महीने पैसा कमा सकते हैं और इसके लिए आपको हर महीने नौकरी करने की भी जरूरत नहीं है। जी हां, हम बात कर रहे हैं पोस्ट ऑफिस के 'मंथली इनकम स्कीम' की।

सिर्फ 1000 रुपये से खोला जा सकता है MIS खाता

डाक घर में मंथली इनकम स्कीम के तहत निवेश पर दी जाने वाली ब्याज दर में 1 अप्रैल से बढ़ोतरी कर दी है। बताते चलें कि सरकार हर तीन महीने पर MIS पर दी जाने वाली ब्याज दरों में संशोधन करती है। इस स्कीम के तहत अब आपको हर साल 7.4 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा, जिसका भुगतान निवेशकों को हर महीने किया जाता है। पोस्ट ऑफिस में सिर्फ 1000 रुपये से भी MIS खाता खोला जा सकता है। अगर आप इस स्कीम में सिंगल अकाउंट खोल रहे हैं तो आप इसमें अधिकतम 9 लाख रुपये और जॉइन्ट अकाउंट में अधिकतम 15 लाख रुपये निवेश कर सकते हैं।

कितने समय में मैच्योर हो जाता है MIS अकाउंट

मंथली इनकम स्कीम को लेकर एक सबसे बड़ी बात जो ध्यान में रखने वाली है वो ये है कि इस स्कीम पर मिलने वाला ब्याज सालाना होता है लेकिन उसका भुगतान हर महीने किया जाता है। बताते चलें कि डाकघर का मंथली इनकम स्कीम 5 साल में मैच्योर होता है। यदि खाता खुलने की तारीख से 3 साल बाद और 5 साल से पहले बंद होता है तो मूलधन में से 1% के बराबर कटौती की जाएगी और बाकी की रकम दे दी जाएगी।

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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