PM Kisan 21st Instalment : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार 26 सितंबर 2025 को पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त हिमाचल प्रदेश, पंजाब, और उत्तराखंड के किसानों को जारी की। यह किस्त विशेष रूप से हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण प्रभावित इन राज्यों के किसानों की मदद के लिए अग्रिम रूप से जारी की गई है। हालांकि कुछ रिपोर्ट में हरियाणा का भी जिक्र हुआ है, मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह किस्त हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के किसानों के लिए ही जारी की गई है। जो हाल में आई बाढ़ और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
कितना पैसा ट्रांसफर किया गया और कितने किसानों को लाभ मिला?
- कुल ट्रांसफर राशि: 540 करोड़ रुपये से अधिक
- लाभार्थी किसान: 27 लाख से अधिक, जिनमें से करीब 2.7 लाख महिलाएं भी शामिल हैं।
- यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से ट्रांसफर की गई।
- केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के 8,01,045 किसानों को 160.21 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। पंजाब के 11,09,895 किसानों को 221.98 करोड़ रुपये मिले, जबकि उत्तराखंड के 7,89,128 किसानों को 157.83 करोड़ रुपये मिले। इन तीनों राज्यों को 24 फरवरी, 2019 में पीएम-किसान योजना की शुरुआत के साथ कुल 13,626 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
अपना PM-Kisan लाभार्थी स्टेटस कैसे जांचें?
- PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- मेन्यू में से "Beneficiary Status" विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर या बैंक खाता नंबर दर्ज करें।
- "Get Data" पर क्लिक करें।
- आपकी किस्त की स्थिति (Payment Status) स्क्रीन पर दिखाई देगी।
पीएम किसान योजना की पात्रता (Eligibility) क्या है?
- भारत का नागरिक होना चाहिए।
- उसके पास कृषि योग्य जमीन होनी चाहिए और वैध भूमि रिकॉर्ड होना चाहिए।
- आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।
- ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी होनी चाहिए।
- जो किसान इनकम टैक्स देते हैं, पेंशनधारी या सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं हैं।
पीएम किसान योजना क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) एक केंद्र सरकार की योजना है जिसके अंतर्गत पात्र किसानों को वर्ष में ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन किस्तों में हर चार महीने में दी जाती है। पीएम-किसान योजना एक केंद्रीय योजना है, जिसे प्रधानमंत्री ने फरवरी 2019 में भूमिधारक किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए शुरू किया था।
