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लेटलतीफी में Spicejet नंबर वन, जानें एयर इंडिया से लेकर दूसरी एयरलाइन का हाल

Most Delayed Airline Is Spicejet: स्पाइसजेट बाकी एयरलाइन के मुकाबले ज्यादा लेटलतीफ साबित हुई है। एजेंसी के आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल में इसकी लगभग 70 फीसदी फ्लाइट समय पर उड़ीं। यानी अप्रैल के मुकाबले मई में स्पाइसजेट की और भी कम फ्लाइट समय पर उड़ीं।

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कौन सी एयरलाइन कर रहीं फ्लाइट में देरी

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • देर से फ्लाइट उड़ाने के मामले में स्पाइसजेट नंबर 1
  • अकासा-इंडिगो का रिकॉर्ड बेहतर
  • दोनों की 90 फीसदी से अधिक फ्लाइट समय पर उड़ती हैं

Most Delayed Airline Is Spicejet: नकदी संकट से जूझ रही स्पाइसजेट (Spicejet) के यात्री सबसे अधिक फ्लाइट संबंधित अड़चनों का सामना कर रहे हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, बिजी समर ट्रेवल सीजन आने के साथ ही मई में देश के चार सबसे बड़े हवाई अड्डों (मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद) से स्पाइसजेट की केवल 61 फीसदी उड़ानें समय पर रवाना हुईं।

स्पाइसजेट बाकी एयरलाइन के मुकाबले ज्यादा लेटलतीफ साबित हुई है। एजेंसी के आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल में इसकी लगभग 70 फीसदी फ्लाइट समय पर उड़ीं। यानी अप्रैल के मुकाबले मई में स्पाइसजेट की और भी कम फ्लाइट समय पर उड़ीं।

और कौन सी एयरलाइन कर रहीं फ्लाइट में देरी

डेली लगभग 250 उड़ानें ऑपरेट करने वाली स्पाइसजेट इस लिस्ट में अकेली नहीं है। एयर इंडिया (Air India), देश की दूसरा सबसे बड़ी एयरलाइन, समय की पाबंदी के मामले में दूसरे से पांचवें स्थान पर खिसक गई। अप्रैल की तुलना में मई में इसकी दोगुनी फ्लाइट में देरी हुई।

एक साल से भी कम समय पहले लॉन्च हुई अकासा एयर (Akasa Air) सबसे अधिक समय पर चलने वाली एयरलाइन थी, मगर अब इसका प्रदर्शन भी खराब हुआ है।

जानिए सभी कंपनियों का हाल

  • अकासा एयर : मई में 92.6 फीसदी फ्लाइट समय पर उड़ीं
  • इंडिगो : मई में 90.3 फीसदी फ्लाइट समय पर उड़ीं
  • विस्तारा : मई में 89.5 फीसदी फ्लाइट समय पर उड़ीं
  • एयर एशिया : मई में 84.6 फीसदी फ्लाइट समय पर उड़ीं
  • एयर इंडिया : मई में 82.5 फीसदी फ्लाइट समय पर उड़ीं
  • स्पाइसजेट : मई में 60.9 फीसदी फ्लाइट समय पर उड़ीं

बढ़ रहा घरेलू पैसेंजर ट्रैफिक

मई में घरेलू पैसेंजर ट्रैफिक एक महीने पहले की तुलना में 15 फीसदी बढ़ कर 1.32 करोड़ हो गया। इस बीच एयरलाइंस वर्कर्स और विमानों की कमी से जूझ रही हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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