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गैस सिलेंडर में लगा दीजिए यह छोटा-सा मीटर, हर पल दिखेगा कितनी बची है गैस

LPG Gas Meter: ये गैस मीटर आमतौर पर सिलेंडर के वजन या गैस के प्रेशर को मापकर आपको बताते हैं कि गैस कितनी बची है। कुछ डिवाइस डिजिटल होते हैं, जबकि कुछ साधारण इंडिकेटर के रूप में काम करते हैं।

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LPG GAS Indicator Meter/Photo-Canva

देशभर में इन दिनों LPG गैस की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है, हालांकि गैस एजेंसियों के दावे अलग हैं। उनका कहना है कि गैस सिलेंडर की कई दिक्कत नहीं है। इन सबसे इतर आम आदमी को काफी परेशानी हो रही है। गैस सिलेंडर के साथ सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है, इसका अंदाजा पहले से नहीं लग पाता। अचानक गैस खत्म होने पर लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन आज आपकी इस समस्या का समाधान हो जाएगा।

सिलेंडर में नहीं होता कोई मीटर

पारंपरिक LPG सिलेंडर की सबसे बड़ी कमी यही है कि इसमें गैस लेवल बताने के लिए कोई मीटर या इंडिकेटर नहीं होता। बाहर से देखकर यह समझना मुश्किल होता है कि सिलेंडर में गैस खत्म होने वाली है या अभी काफी बची हुई है।

अब आसान समाधान, ऑनलाइन मिल रहे गैस मीटर

इस समस्या का समाधान अब बाजार में उपलब्ध है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon-फ्लिपकार्ट पर कई तरह के LPG गैस मीटर उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से आप आसानी से अपने सिलेंडर में बची गैस का पता लगा सकते हैं। इन डिवाइस की शुरुआती कीमत करीब 500-800 रुपये है, जो आम उपभोक्ताओं के लिए किफायती है।

कैसे काम करता है LPG गैस मीटर

ये गैस मीटर आमतौर पर सिलेंडर के वजन या गैस के प्रेशर को मापकर आपको बताते हैं कि गैस कितनी बची है। कुछ डिवाइस डिजिटल होते हैं, जबकि कुछ साधारण इंडिकेटर के रूप में काम करते हैं।

गैस किल्लत के समय में बेहद उपयोगी

जब देश में गैस की कमी चल रही हो, तब ऐसे मीटर और भी ज्यादा जरूरी हो जाते हैं। इससे आप पहले से ही अंदाजा लगा सकते हैं कि कब नया सिलेंडर बुक करना है, जिससे अचानक परेशानी से बचा जा सकता है।

छोटे खर्च में बड़ी राहत

महज 500 रुपये के शुरुआती खर्च में मिलने वाला यह गैस मीटर आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को काफी आसान बना सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह जल्दी खराब नहीं होता और ना ही इसमें बिजली या बैटरी की जरूरत है।

यह मीटर उन परिवारों के लिए यह बहुत फायदेमंद है, जहां गैस खत्म होने पर तुरंत दूसरा विकल्प उपलब्ध नहीं होता। इस तरह तकनीक की मदद से अब LPG सिलेंडर से जुड़ी एक बड़ी समस्या का समाधान आसानी से किया जा सकता है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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