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Kamdhenu Bima Yojana: पशु की मृत्यु होने पर सरकार देगी 40 हजार रुपये, जानें कैसे मिलता है इस योजना का लाभ

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Feb 14, 2023, 12:00 PM IST

Kamdhenu Bima Yojana: राजस्थान सरकार द्वारा पशुपालकों के हित में कामधेनु बीमा योजना शुरू की गई जिसके तहत दुधारू पशु की मौत पर पालक को 40 हजार रुपये सरकार द्वारा प्रदान किए जाते हैं।

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Kamdhenu Bima Yojana: पशु की मृत्यु होने पर सरकार देगी 40 हजार रुपये, जानें कैसे मिलता है इस योजना का लाभ

Kamdhenu Bima Yojana: साल 2022 में लंपी वायरस के चलते उत्तर भारत में बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हुई थी। सबसे खराब हालात राजस्थान के रहे हैं। इसको ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार द्वारा पशुपालकों के हित में कामधेनु बीमा योजना शुरू की गई। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट पेश करते हुए एक बड़ी घोषणा की है। सरकार ने बजट पेश करते हुए कामधेनु बीमा योजना शुरू करने का ऐलान किया जिसके तहत दुधारू पशु की मौत पर पालक को 40 हजार रुपये सरकार द्वारा प्रदान किए जाते हैं। बजट में राजस्थान सरकार ने कामधेनु बीमा योजना के लिए कुल 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

क्या है कामधेनु बीमा योजना

इस योजना के तहत दुधारू पशुओं के मृत्यु पर मुआवजा दिया जाएगा। लंपी वायरस जैसे किसी भी जानलेवा बीमारी से मरने वाले दुधारू पशुओं की मृत्यु पर 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। राजस्थान सरकार द्वारा बजट में लिया गया फैसला, राज्य के पशुपालकों को सीधे तौर पर लाभान्वित करेगा। बजट के अंतर्गत राजस्थान सरकार ने कामधेनु बीमा योजना के लिए कुल 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

ये किए गए ऐलान

बजट में सरकार ने पशुओं के उपचार पर रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लगाने का भी फैसला किया है। वहीं, नंदीशालाओं में देय अनुदान को बढ़ाकर 9 महीने से 12 महीने करने की घोषणा भी कर दी गई है। राजस्थान में लंपी वायरस की वजह से पशुओं की मौत के चलते काफी नुकसान हुआ। दुधारू पशुओं की मौत से दुग्ध उत्पादन भी काफी प्रभावित हुआ। इस योजना ने वैसी परिस्थितियों से निपटने में मदद मिलेगी। हालांकि बजट में हुई योजना का क्रियान्वन कैसे होगा, इस पर अभी जानकारी सामने आना बाकी है।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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