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नवरात्रि से दिवाली तक बढ़ेगा खर्च, ऐसे बनाएं अपना Festive Budget

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होने जा रही है। इसके बाद नवंबर में दिवाली तक पूरे फेस्टिव सीजन खर्च का बोझ बढ़ने वाला है। ऐसे में फेस्टिव बजट बना कर खर्च को मैनेज किया जा सकता है।

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ऐसे बनाएं अपना फेस्टिव बजट (Photo: iStock)

शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri 2026 )की शुरुआत 11 अक्टूबर से होने जा रही है। इसके बाद दिवाली (Diwali 2026) तक त्योहारों का सिलसिला जारी रहेगा। इस दौरान घर की सजावट, पूजा का सामान, कपड़े, मिठाई, गिफ्ट, बाहर खाना-पीना और घूमने-फिरने पर खर्च तेजी से बढ़ सकते हैं। अगर इन खर्चों की पहले से प्लानिंग न की जाए तो फेस्टिव सीजन खत्म होते-होते महीने का बजट बिगड़ सकता है। ऐसे में त्योहारों की खुशियों के साथ अपनी जेब का ध्यान रखना भी जरूरी है। इसके लिए आप पहले से एक फेस्टिव बजट (Festive Budget) तैयार कर सकते हैं-

कुल खर्च का लगाएं सबसे पहले हिसाब

फेस्टिव बजट बनाने का पहला कदम यह तय करना है कि आप त्योहारों पर कुल कितना पैसा खर्च कर सकते हैं। इसके लिए अपनी मंथली इनकम और जरूरी खर्चों को ध्यान में रखें। किराया, EMI, राशन, बिजली, बच्चों की फीस और निवेश जैसी जरूरी जिम्मेदारियों का पैसा अलग रखने के बाद ही फेस्टिव खर्च के लिए रकम तय करें। त्योहारों के लिए ऐसा बजट रखें, जिसे पूरा करने के लिए आपको उधार या क्रेडिट कार्ड पर निर्भर न रहना पड़े।

पैसों को अलग-अलग खर्चों में बांटें

एक तय रकम को अलग-अलग खर्चों में बांटना बेहतर रहेगा। जैसे कपड़े और शॉपिंग के लिए एक बजट, पूजा और सजावट के लिए दूसरा, मिठाई और खाने-पीने के लिए तीसरा और रिश्तेदारों या दोस्तों को गिफ्ट देने के लिए अलग रकम। अगर घूमने का भी प्लान है तो उसका खर्च पहले से जोड़ लें। इससे किसी एक कैटेगरी में जरूरत से ज्यादा खर्च होने की संभावना कम होगी।

बचत समझकर खरीदारी करने से बचें

फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह डिस्काउंट और सेल की भरमार रहती है। हर ऑफर को बचत समझकर खरीदारी करना जरूरी नहीं है। पहले अपनी जरूरतों की लिस्ट बनाएं और उसी के हिसाब से सामान खरीदें। खासतौर पर कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और घर की सजावट जैसी चीजों में बजट तय करके खरीदारी करें।

क्रेडिट कार्ड का समझदारी से करें इस्तेमाल

अगर खरीदारी के लिए क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर रहे हैं तो उतनी ही रकम खर्च करें, जितनी तय समय पर चुका सकें। सिर्फ EMI या डिस्काउंट देखकर महंगी खरीदारी करने से बचें। फेस्टिव सीजन के बाद आने वाले क्रेडिट कार्ड बिल को भी अपने बजट में शामिल करें।

इमरजेंसी के पैसे को न छेड़ें

त्योहारों के खर्च के लिए Emergency Fund, SIP या जरूरी निवेश को रोकना सही रणनीति नहीं है। बेहतर होगा कि फेस्टिव खर्च के लिए पहले से अलग रकम रखी जाए। इससे त्योहारों का आनंद लेने के साथ आपकी नियमित बचत और वित्तीय लक्ष्य भी प्रभावित नहीं होंगे।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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