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कहीं आप भी तो नहीं खा रहे मिलावटी चावल, खुद इन तरीकों से ऐसे करें असली की पहचान

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Mar 27, 2023, 12:22 PM IST

Rice Check Real or Fake: हर घर में हर दिन बनने वाला चावल भी अब आसानी से असली नहीं मिलता है। पिछले कुछ सालों से चावल में धड़ल्ले से मिलावट की जा रही है। चावल की पहचान नहीं कर पाने के चलते आम आदमी मिलावटी चावल खा रहा है। ऐसे में बड़ सवाल ये है कि आम आदमी असली चावल की पहचान कैसे करें।

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Rice Check Real or Fake

Photo : iStock

Rice Check Real or Fake: पिछले कई सालों से देश में खाने-पीने की चीजों में धड़ल्ले से मिलावट की जा रही है। शायद ही खाने-पीने की कोई चीज बची हो, जिसमें मिलावट न की जा रही है। लोग असली के दाम पर अपने घर नकली या फिर मिलावटी चीज लेकर जा रहे हैं। मिलावटी या नकली चीज खाकर जहां हमारा स्वास्थ्य (Health) खराब होगा, वहीं हम बीमार भी पड़ सकते हैं।

हर घर में हर दिन बनने वाला चावल (Rice) भी अब आसानी से असली नहीं मिलता है। पिछले कुछ सालों से चावल में धड़ल्ले से मिलावट की जा रही है। चावल की पहचान नहीं कर पाने के चलते आम आदमी मिलावटी चावल खा रहा है। ऐसे में बड़ सवाल ये है कि आम आदमी असली चावल की पहचान कैसे करें। इसी को लेकर आज हम आप आपको कुछ तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से अब आप आसानी से असली या मिलावटी/नकली चावल की पहचान कर पाएंगे।

इन तरीकों से करें असली-मिलावटी/नकली चावल की पहचान:-

  • चावल की पहचान करने के लिए सबसे पहले आपको एक गिलास पानी में एक चम्मच कच्चे चावल डालने होंगे और कुछ देर तक हिलाते रहना होगा। हिलाने के बाद अगर चावल ऊपर तैरता दिखे तो जान लीजिए कि वह प्लास्टिक वाला चावल है।
  • चावल की असली पहचान करने का एक तरीका ये है कि अपने हाथ में कुछ चावल लें और उसे लाइटर से जला लें। जलाने के बाद देखें कि चावल से प्लास्टिक की गंध निकल रही है या नहीं। जलाने पर अगर चावल से प्लास्टिक की गंध निकलती है जान लीजिए कि वह मिलावटी प्लास्टिक वाला चावल है।
  • चावल को चेक करने का एक तरीका ये है कि कुछ चावल लें और उन्हें बहुत गरम तेल में डाल दें। अगर ये प्लास्टिक के चावल होंगे, तो गरम तेल में डालने पर पिघल जाएंगे और बर्तन के तले पर चिपक जाएंगे।

हमें पूरी उम्मीद है कि हमारी ओर से ऊपर बताए गए तरीकों की मदद से अब आप आसानी से असली और मिलावटी/नकली चावल की पहचान कर पाएंगे।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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