यूटिलिटी

फर्जी रेंट स्लिप कैसे पकड़ रहा इनकम टैक्‍स विभाग, न करें ये गलती वरना आ जाएगा नोटिस

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 31, 2023, 11:12 AM IST

Income Tax Department Fake Rent Receipt: यदि आप भी उन करदाता में शामिल हैं जो फर्जी रेंट स्लिप लगाकर पैसा बचाने का काम कर रहे हैं तो ये भारी पड़ सकता है। क्योंकि आयकर विभाग अब इस पर सख्ती से काम कर रहा है।

Image

आयकर विभाग

Photo : iStock

Income Tax Department Fake Rent Receipt: यदि आप भी उन करदाता में शामिल हैं जो फर्जी रेंट स्लिप लगाकर पैसा बचाने का काम कर रहे हैं तो ये भारी पड़ सकता है। क्योंकि आयकर विभाग अब इस पर सख्ती से काम कर रहा है। इनकम टैक्‍स विभाग अब फर्जी रेंट स्लिप के जरिये टैक्‍स क्‍लेम करने वाले हजारों करदाताओं की पहचान करना शुरू कर दिया है। ऐसे करदाताओं को विभाग धड़ाधड़ नोटिस भी भेज रहा है। नोटिस पाते ही करदाताओं के होश उड़ जाते हैं और उनके मन में सिर्फ एक ही सवाल उठता है कि आखिर कैसे इनकम टैक्‍स विभाग ने इस फर्जीवाड़े को पकड़ लिया।

ऐसे पकड़ लेता है विभाग फर्जीवाड़ा

आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस के जमाने में आयकर विभाग भी AI का इस्तेमाल करता है और फर्जी रेंट रिसीप्ट को पकड़ लेता है। इसके लिए फॉर्म-16 के साथ AIS फॉर्म और फॉर्म-26 AS का मिलान किया जाता है। बता दें कि इन फॉर्म में पैन कार्ड से जुड़े तमाम ट्रांजेक्शन होते हैं। जब करदाता रेंट रिसीप्ट के जरिए हाउस रेंट अलाउंस क्लेम करता है तो आयकर विभाग उसके क्लेम इन फॉर्म से मिलाती है। अंतर होने पर यह तुरंत दिख जाता है।

क्या है हाउस रेंट अलाउंस के नियम

एचआरए का डिडक्शन तभी क्लेम किया जा सकता है, जब उसे कंपनी की तरफ से एचआरए मिल रहा हो। वहीं अगर कर्मचारी 1 लाख रुपये से अधिक किराया चुकाता है तो उसे अपने मकान मालिक का पैन नंबर भी देना होगा। इससे आयकर विभाग आपके एचआरए के तहत क्लेम किए गए अमाउंट को आपके मकान मालिक के पैन नंबर पर भेजे गए अमाउंट से मिलाता है। बता दें कि पैन से जुड़ी सारे ट्रांजेक्शन एआईएस फॉर्म में लिखे होती हैं। अगर दोनों में अंतर होता है तो आयकर विभाग की तरफ से नोटिस भेजा जाता है। अगर आपकी कंपनी एचआरए देती है और आप 1 लाख रुपये से कम सालाना रेंट क्लेम कर रहे हैं तो आपको अपने मकान मालिक का पैन नहीं देना होगा। यानी इस स्थिति में आप 1 लाख रुपये तक का एचआरए क्लेम कर सकते हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article