यूटिलिटी

GPF Interest Rate: जीपीएफ की ब्याज दरों का ऐलान, नए साल में सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा इतना रिटर्न

GPF Interest Rate: 1 जनवरी 2024 से 31 मार्च 2024 तक के लिए सरकार ने GPF और अन्य इसी तरह के फंड्स की ब्याज दरों में किसी भी तरह बदलाव नहीं किया है। जीपीएफ या जनरल प्रोविडेंट फंड, पीपीएफ अकाउंट की तरह है लेकिन यह भारत में सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए है।

Image

General Provident Fund interest rate

Photo : iStock

GPF Interest Rate: सरकारी कर्मचारियों को सरकार ने नए साल में तोहफा दिया है। वित्त मंत्रालय ने जनवरी-मार्च 2024 तिमाही के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) और अन्य समान भविष्य निधि पहल के लिए ब्याज दर की घोषणा की है। 2 जनवरी 2024 को वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) ने एक नोटिफिकेश जारी कर इस बारे में जानकारी दी है। इसके अनुसार, वर्ष 2023-2024 के दौरान, सामान्य भविष्य निधि और अन्य के लिए ग्राहकों के क्रेडिट पर संचय समान निधियों पर 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा।

1 जनवरी 2024 से 31 मार्च 2024 तक के लिए सरकार ने GPF और अन्य इसी तरह के फंड्स की ब्याज दरों में किसी भी तरह बदलाव नहीं किया है। सरकार ने मौजूदा तिमाही के लिए जीपीएफ और लिंक्ड फंड पर ब्याज दर स्थिर रखी है।

संबंधित फंड्स

  • जनरल प्रोविडेंट फंड (केंद्रीय सेवाएं)।
  • अंशदायी भविष्य निधि (भारत)।
  • ऑल इंडिया सर्विस प्रोविडेंट फंड।
  • राज्य रेलवे भविष्य निधि।
  • सामान्य भविष्य निधि (रक्षा सेवाए)।
  • भारतीय ऑर्डिनेंस डिपार्टमेंट प्रोविडेंट फंड
  • भारतीय ऑर्डिनेंस फैक्टरी वर्कमैन प्रोविडेंट फंड।
  • भारतीय नौसेना डॉकयार्ड वर्कर्स प्रोविडेंट फंड
  • रक्षा सेवा अधिकारी भविष्य निधि।
  • सशस्त्र बल कार्मिक भविष्य निधि।

क्या है जीपीएफ

जीपीएफ या जनरल प्रोविडेंट फंड, पीपीएफ अकाउंट की तरह है लेकिन यह भारत में सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए है। जीपीएफ सभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी सैलरी के एक निश्चित प्रतिशत में जनरल प्रोविडेंट फंड में योगदान करने की अनुमति देता है। कोई भी सरकारी कर्मचारी अपनी नौकरी के दौरान इस फंड में निवेश करता है और रिटायरमेंट के समय यह पैसा निकाल सकता है। सरकार हर तीन महीने पर ब्याज दर की समीक्षा की है।

कौन ले सकता है लाभ

कोई भी सरकारी कर्मचारी इस फंड के लिए मासिक सदस्यता ले सकता है, केवल उस अवधि को छोड़कर जब वह निलंबन में हो। रिटायरमेंट की तारीख से तीन महीने पहले प्रोविडेंट फंड की सदस्यता रोक दी जाती है। सदस्यता की दरें ग्राहक की सैलरी के 6 प्रतिशत से कम नहीं होंगी और न ही उसकी कुल आय से अधिक होगी।

TNN Business Desk
TNN बिजनेस डेस्क author

TNN बिजनेस डेस्क

और पढ़ें
End of Article