Flight Passenger Rights: हवाई यात्रा को सबसे तेज और सुविधाजनक परिवहन माध्यम माना जाता है। टिकट की कीमत अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण यात्री विमान में अच्छी सेवा और सुविधाओं की उम्मीद करते हैं। हालांकि कई बार यात्रियों को फ्लाइट में टूटी सीट, खराब इंफोटेनमेंट सिस्टम, गंदे वॉशरूम या अन्य खराब सेवाओं का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में यात्रियों के पास शिकायत दर्ज करवाने और मुआवजा मांगने का अधिकार होता है।
एयरलाइन से रिफंड की मांग
अगर फ्लाइट में यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं जैसे सही सीट, काम करने वाला इंफोटेनमेंट सिस्टम या इस्तेमाल किया जा सकने वाला शौचालय नहीं मिलता है तो इसे सेवा में कमी माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को एयरलाइन से रिफंड या मुआवजे की मांग करने का अधिकार मिल सकता है।
एयरलाइन से करें शिकायत
अगर किसी यात्री को उड़ान के दौरान खराब सेवा मिलती है तो सबसे पहला कदम संबंधित एयरलाइन से शिकायत करना होना चाहिए। यात्री एयरलाइन के कस्टमर ग्रिवेंस सिस्टम या आधिकारिक शिकायत पोर्टल के माध्यम से अपनी समस्या दर्ज करवा सकते हैं। भारत में इसके लिए एयरसेवा पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां एयरलाइन से जुड़ी शिकायतें दर्ज की जाती हैं।
एयरलाइन को शिकायत मिलने के बाद मामले की समीक्षा करनी होती है और उचित समय के भीतर जवाब देना होता है। कई मामलों में एयरलाइन यात्री को रिफंड, टिकट का आंशिक पैसा या अन्य मुआवजा देने का निर्णय ले सकती है।
समाधान न मिलने पर शिकायत
अगर एयरलाइन से शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता तो यात्री कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (Consumer Commission) में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत खराब सेवा को “deficiency in service” यानी सेवा में कमी माना जाता है।
इस कानून के तहत उपभोक्ता रिफंड के साथ-साथ मानसिक परेशानी और असुविधा के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी मांग सकता है। हालांकि ऐसे मामलों में शिकायत घटना के दो साल के भीतर दर्ज करनी होती है।
कुछ मामलों में मिला है मुआवजा
भारत में कई मामलों में उपभोक्ता आयोग ने यात्रियों के पक्ष में फैसला सुनाया है। उदाहरण के तौर पर, खराब सीट, गंदे वॉशरूम और खराब सेवा के कारण यात्रियों को मानसिक परेशानी होने पर एयरलाइन को मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया है।
