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Lok Adalat: आज दिल्ली में लगेगी सबसे बड़ी लोक अदालत, चालान माफ करवाने का शानदार मौका

Lok Adalat Delhi Today 14 February 2026: 14 फरवरी को लोक अदालत राजधानी के विभिन्न कोर्ट परिसरों में आयोजित की जाएगी। इनमें पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा, तीस हजारी, साकेत, रोहिणी, द्वारका और राउज एवेन्यू कोर्ट शामिल हैं। संबंधित वाहन चालकों को अपने केस के अनुसार निर्धारित कोर्ट परिसर में उपस्थित होना होगा।

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Delhi Lok Adalat February 14, 2026

Lok Adalat Delhi Today 14 February 2026: आज देश की राजधानी नई दिल्ली में सबसे बड़ी लोक अदालत का आयोजन हो रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही बताया था कि 14 फरवरी 2026 को लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। दिल्ली में लंबित ट्रैफिक चालान से परेशान वाहन चालकों के लिए आज बड़ी राहत का मौका आने है। आज की इस लोक अदालत के जरिए लोग अपने बकाया चालानों का निपटारा कम जुर्माने में कर सकते हैं। कई मामलों में 20% से लेकर 50% तक की राहत मिलना संभव है।

किन जगहों पर लगेगी लोक अदालत?

14 फरवरी को लोक अदालत राजधानी के विभिन्न कोर्ट परिसरों में आयोजित की जाएगी। इनमें पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा, तीस हजारी, साकेत, रोहिणी, द्वारका और राउज एवेन्यू कोर्ट शामिल हैं। संबंधित वाहन चालकों को अपने केस के अनुसार निर्धारित कोर्ट परिसर में उपस्थित होना होगा।

कौन-से चालान होंगे शामिल?

इस लोक अदालत में केवल वे ही ट्रैफिक चालान या नोटिस लिए जाएंगे जो कंपाउंडेबल श्रेणी में आते हैं और 31 अक्टूबर 2025 तक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर लंबित हैं तथा वर्चुअल कोर्ट को भेजे जा चुके हैं। चालान या नोटिस को पहले से डाउनलोड करना अनिवार्य है। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट https://traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat या QR कोड का उपयोग किया जा सकता है।

क्या प्रिंटआउट जरूरी है?

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोर्ट परिसर में किसी प्रकार की प्रिंटिंग सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इसलिए चालान या नोटिस का प्रिंटआउट साथ लाना अनिवार्य है। बिना प्रिंट कॉपी के मामले की सुनवाई संभव नहीं होगी।

कितनी हो सकती है बचत?

कुछ लीगल एक्सपर्ट के मुताबिक, सही मामलों में जुर्माने में 20% से 50% तक की कमी संभव है। यह राहत उल्लंघन की प्रकृति और लोक अदालत की बेंच के विवेक पर निर्भर करती है। जिन लोगों पर छोटे-छोटे कई चालान लंबित हैं, उनके लिए यह अच्छी बचत का अवसर हो सकता है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में अलग-अलग अभियानों के दौरान 80 लाख से अधिक चालान लंबित रह चुके हैं। हर दिन 15,000 से 20,000 नए चालान कटते हैं, जिससे हर महीने लगभग 5 से 7 लाख नए मामले जुड़ जाते हैं। इसके मुकाबले इस लोक अदालत में अधिकतम 2 लाख चालानों की सीमा तय की गई है और प्रतिदिन केवल 50,000 डाउनलोड की अनुमति होगी।

80,000 रुपये के चालान 2,000 में निपटे

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के एक मार्केटिंग प्रोफेशनल चेतन साहनी ने बताया कि लोक अदालत के जरिए उन्हें बड़ी राहत मिली। उनके अनुसार, 80,000 रुपये के चालान का निपटारा करीब 2,000 रुपये में हो गया। उनका कहना है कि कई लोगों को अब भी इस प्रक्रिया की जानकारी नहीं है, जबकि यह तरीका अपेक्षा से कहीं अधिक सरल और तेज है।

लोक अदालत उन वाहन चालकों के लिए एक अहम मौका है जो लंबे समय से लंबित चालानों के कारण आर्थिक और मानसिक दबाव झेल रहे हैं। समय रहते आवेदन कर वे अपने जुर्माने में अच्छी-खासी कटौती पा सकते हैं।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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