What To Check In Gold Jewelry Bill: फेस्टिव सीजन खत्म हो गया है, मगर अब शादियों का सीजन शुरू हो गया है। शादियों के सीजन में भारत में सोने की खरीदारी जमकर होती है। अगर आप सोने का सिक्का या आभूषण रहे हैं, तो आपको हमेशा कमोडिटी पर हॉलमार्क के साथ बिल भी मांगना चाहिए। यह भी सुनिश्चित करें कि ज्वैलर द्वारा आपको दिए गए बिल में सारी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल हो। ज्वैलरी खरीदते समय जो बिल मिले उसमें क्या-क्या चीजें होना जरूरी है, आगे जानिए।
बिल लेना जरूरी
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार रिटेलर/जौहरी से हॉलमार्क वाली कमोडिटी का ऑथेंटिक बिल/इनवॉयस लेना आवश्यक है। किसी भी विवाद/दुरुपयोग/शिकायत के लिए यह जरूरी है।
बिल में क्या-क्या होना जरूरी
- बीआईएस के अनुसार, ज्वैलर/रिटेलर द्वारा जारी किए गए बिल में खरीदी गई हॉलमार्क कमोडिटी की डिटेल होनी चाहिए
- बिल में प्रत्येक वस्तु की डिटेल
- सामान का शुद्ध वजन
- कैरेट में प्योरिटी और फाइननेस
- हॉलमार्किंग चार्जेस
- खरीद की तारीख पर सोने की कीमत
- रत्न या हीरे की कीमत (यदि कोई हो)
- बिल में रत्नों की कीमत और वजन का अलग से जिक्र
- खरीदार द्वारा दी कुल राशि
ऐसे चेक करें सोने की प्योरिटी
यदि आपको सोने की शुद्धता के बारे में शक है, तो आप किसी भी बीआईएस मान्यता प्राप्त परख और हॉलमार्किंग (ए एंड एच) केंद्र पर जा सकते हैं। आपसे टेस्टिंग के लिए मामूली चार्ज लिया जाएगा। बीआईएस मान्यता प्राप्त परख और हॉलमार्किंग केंद्रों की लिस्ट बीआईएस वेबसाइट पर उपलब्ध है और इसे देखने के लिए आप सीधे इस लिंक पर जा सकते हैं।
