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मौसम खराब होने पर TV और Radio पर चलता प्रोग्राम रोककर दी जाएगी चेतावनी, NDMA ने बनाया पूरा प्लान

Weather Alert: देश में जल्द ही टीवी स्क्रीन पर खराब मौसम के बारे में चेतावनी संदेश प्रसारित किए जाएंगे और लोगों को सतर्क करने के लिए रेडियो पर गानों को बीच में ही रोककर चेतावनी दी जाएगी। एनडीएमए ने भारी बारिश, गरज के साथ बारिश और लू की जानकारी के लिए मोबाइल फोन पर संदेश (टेक्स्ट मैसेज) भेजना शुरू कर दिया है।

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रेडियो पर गानों को बीच में ही रोककर चेतावनी दी जाएगी

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Weather Alert: देश में जल्द ही टीवी स्क्रीन पर खराब मौसम के बारे में चेतावनी संदेश प्रसारित किए जाएंगे और लोगों को सतर्क करने के लिए रेडियो पर गानों को बीच में ही रोककर चेतावनी दी जाएगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने भारी बारिश, गरज के साथ बारिश और लू के बारे में अहम सूचनाएं प्रसारित करने के लिए मोबाइल फोन पर संदेश (टेक्स्ट मैसेज) भेजना शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, NDMA का प्लान है कि अब टेलीविजन, रेडियो और संचार के अन्य माध्यमों पर भी मौसम को लेकर चेतावनी दी जाए ताकि लोगों को तत्काल सूचना मिले और खराब मौसम से निपटने के लिए वे तैयार रहें।

टेक्स्ट मैसेज से पहले ऐसे चेतावनी देता था NDMA

एनडीएमए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘टेक्स्ट मैसेज के जरिए चेतावनी देना, प्रोजेक्ट के पहले चरण का हिस्सा है। दूसरे चरण में टीवी, रेडियो तथा अन्य माध्यमों को लाया जा रहा है जिसे साल के अंत तक लागू किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और संचार के मिश्रण से एनडीएमए का उद्देश्य टेक्स्ट आधारित चेतावनियों की सीमाओं को पार करना है। टेक्स्ट मैसेज से पहले एनडीएमए ‘नेशनल डिजास्टर अलर्ट पोर्टल’ और मोबाइल ऐप ‘सचेत’ के जरिए ऐसी चेतावनियां जारी करता था।

तमिलनाडु में सफल प्रयोग के बाद 2021 में मिली थी मंजूरी

एनडीएमए ने संबंधित चेतावनियों से संबद्ध विभिन्न एजेंसियों को एक साथ लाने के लिए ‘कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल बेस्ड इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम’ की कल्पना की थी। इन एजेंसियों में भारत मौसम विज्ञान विभाग, केंद्रीय जल आयोग, भारतीय समुद्री सूचना सेवा केंद्र और भारतीय वन सर्वेक्षण, अलर्ट देने वाली एजेंसियों और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को शामिल किया गया। केंद्र सरकार ने तमिलनाडु में सफल प्रयोग के बाद 2021 में इस परियोजना के पहले चरण को देशभर में लागू करने की मंजूरी दी थी।

अलर्ट आने पर वाइब्रेट होने लगेंगे मोबाइल फोन

एनडीएमए के एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘यह दुनिया में ‘कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल’ के नाम से सबसे बड़ा पूर्व चेतावनी कार्यक्रम है। लोगों को व्हाट्सऐप, ईमेल या एसएमएस समूहों में सब्सक्राइब करने की जरूरत नहीं है। आपको स्वत: ही अलर्ट मिलेगा।’’ उन्होंने कहा कि संदेश स्थानीय भाषा समेत दो भाषाओं में प्रसारित किया जाएगा जिसमें लोगों को आने वाले समय में खराब मौसम के बारे में सतर्क किया जाएगा तथा मोबाइल फोन ऐसे अलर्ट आने पर वाइब्रेट करेंगे।

गाने को रोककर चलाया जाएगा चेतावनी संदेश

अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर आप टेलीविजन देख रहे हैं तो टीवी स्क्रीन पर चेतावनी संदेश प्रसारित होंगे और उसमें ऑडियो भी होगा। अगर आप रेडियो पर कोई गीत सुन रहे हैं तो उसे बीच में रोका जाएगा और चेतावनी प्रसारित की जाएगी। यह बहुत जल्द किया जाएगा।’’ भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, देश में 2022 में खराब मौसम के कारण 2,770 लोगों की मौत हुई। उनमें से 1,580 लोगों की मौत गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने जैसी घटनाओं के कारण हुई। बाकी के लोगों की मौत लू, ओलावृष्टि और धूल भरी आंधी के कारण हुई।

भाषा इनपुट्स के साथ

Sunil Chaurasia
सुनील चौरसियाauthor

<p>मैं सुनील चौरसिया,. मऊ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हूं और अभी दिल्ली में रहता हूं। मैं टाइम्स नाउ नवभारत में बिजनेस, यूटिलिटी और पर्सनल फाइनेंस पर काम कर रहा हूं। टाइम्स नाउ से पहले मैं ज़ी बिजनेस, टीवी9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन, राजस्थान पत्रिका में काम कर चुका हूं। मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि मैं अपने रीडर्स तक उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारियां पहुंचा सकूं।</p>

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