Yoga Day 2022 Date: हर साल 21 जून को क्यों मनाया जाता है योग दिवस? PM मोदी के प्रस्ताव को UN ने दी थी मंजूरी

Yoga Day 2022 Date in India: 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा था। जिसको संयुक्त राष्ट्र महासभा में मंजूरी मिलने के बाद सबसे पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को 2015 को मनाया गया था। साल 2015 में 35 हजार से ज्यादा लोगों ने देश की राजधानी दिल्ली के राजपथ पर योगासन कर रिकॉर्ड बना दिया था।

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योग दिवस  |  तस्वीर साभार: Times Now
मुख्य बातें
  • साल 2015 में हुई थी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत
  • प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्ताव को UN ने दी थी मंजूरी
  • साल 2015 में भारत ने बनाया था गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

Yoga Day 2022 Date in India: 21 जून 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के मैसूरु पैलेस मैदान में एक सामूहिक योग कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। दरअसल, यह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मौका होगा। पीएम मोदी के साथ योग कार्यक्रम में 1500 अन्य लोग भी शामिल होंगे। पिछले दो सालों से कोरोना वायरस महामारी के वजह से योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम भौतिक रूप से आयोजित नहीं हो रहे थे। दो वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर से योग कार्यक्रम भौतिक रूप से आयोजित होने जा रहा है। 

6 मई को प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा था पत्र

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 मई को देश के सभी सरपंचों/ग्राम प्रधानों को हिंदी में एक पत्र लिखा था। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने इस बार योग दिवस का भव्य आयोजन सुनिश्चित करने का आग्रह किया था। इसके बाद आयुष सचिव ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से अनुरोध किया था कि प्रधानमंत्री मोदी के पत्र का वह राज्य की स्थानीय भाषा में अनुवाद करवाएं और जिला कलेक्टरों के माध्यम से इसे ग्राम प्रधानों तक पहुंचा दें। ग्राम प्रधानों को SMS के माध्यम से पीएम मोदी के पत्र का एक 'URL' भी भेजा गया है।

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21 जून को इसलिए मनाया जाता है योग दिवस

साल 2015 में फैसला लिया गया था हर साल 21 जून को योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा। आप सोच रहे होंगे कि 21 जून को ही योग दिवस मनाने का फैसला क्यों लिया गया था? दरअसल, 21 जून को ही उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन होता है। भारतीय परंपरा में इसे ग्रीष्म संक्रांति भी कहा जाता है। ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन होता है। भारतीय परंपरा के अनुसार, आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने के लिए सूर्य दक्षिणायन का समय फायदेमंद है। इसी कारण 21 जून को योग दिवस मनाने के लिए चुना गया है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की मिली मंजूरी

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा था। जिसको संयुक्त राष्ट्र महासभा में मंजूरी मिलने के बाद सबसे पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को 2015 को मनाया गया था। साल 2015 में 35 हजार से ज्यादा लोगों ने देश की राजधानी दिल्ली के राजपथ पर योगासन कर रिकॉर्ड बना दिया था। इस कार्यक्रम में 84 देशों के प्रतिनिधि शामिल थे। योग दिवस पर भारत में हुए इतने बड़े आयोजन पर दो गिनीज बुक में दो रिकॉर्ड दर्ज किए गए। पहला रिकॉर्ड था 35,985 लोगों की भारी संख्या का एक साथ योग करना और दूसरा रिकॉर्ड था 84 देशों के प्रतिनिधियों का एक साथ समारोह में हिस्सा लेना।

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