यह बड़ी बात छिपा 3 को बना लिया GF, सेक्स के दौरान अंधेरे में करता था यह काम, भंडाफोड़ पर 10 साल की जेल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 30, 2022, 12:36 PM IST

सिंह को इस साल शुरुआत में कोर्ट में एक मुकदमे के बाद शारीरिक नुकसान पहुंचाने वाले हमले के छह मामलों और जान से मारने की धमकी देने के एक मामले में दोषी ठहराया गया था।

यह बड़ी बात छिपा 3 को बना लिया GF, सेक्स के दौरान अंधेरे में करता था यह काम, भंडाफोड़ पर 10 साल की जेल
Photo Credit: BCCL

नकली लिंग (पेनिस) के जरिए महिलाओं से शारीरिक संबंध बनाने के मामले में एक ट्रांसजेंडर शख्स को 10 साल की कैद की सजा सुना दी गई। समाचार एजेंसी एएनआई ने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि 32 साल के तरजीत सिंह ने दो महिलाओं और एक किशोरी को फर्जी पेनिस का इस्तेमाल करके यौन संबंध बनाने के लिए लालच दिया था। सिंह का जन्म महिला के रूप हुआ था और उनका नाम हन्ना वाल्टर्स था, पर बाद में वह खुद को मर्द बताने लगे। बताया जाता है कि अंतरंग पलों के दौरान वह कपड़े पहनने के साथ अंधेरे में कृत्रिम लिंग का इस्तेमाल किया करते थे।

रिपोर्ट्स की मानें तो सिंह को इस साल शुरुआत में कोर्ट में एक मुकदमे के बाद शारीरिक नुकसान पहुंचाने वाले हमले के छह मामलों और जान से मारने की धमकी देने के एक मामले में दोषी ठहराया गया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि कैसे सिंह ने हल्के तरल पदार्थ से हमला करने और बाद में मोबाइल फोन से उसकी नाक फोड़ने के बाद पीड़िता को जिंदा जलाने की धमकी दी। 

जोड़तोड़ और झूठ बोलने में माहिर है शख्स- जज
यह पूरा मामला ब्रिटेन का है। न्यायाधीश ऑस्कर डेल फैब्रो ने कहा कि सिंह "भविष्य में गंभीर नुकसान के लिए जनता के लिए जोखिम" का प्रतिनिधित्व करते हैं और एक "खतरनाक अपराधी" थे, जिन्होंने तीन पीड़ितों के खिलाफ बार-बार हिंसा और हमले किए थे। सिंह जोड़-तोड़ करने वाले झूठे" थे, जो कभी भी ईमानदार नहीं रहे। फैसले में जज ने कहा कि स्पष्ट होने और लिंग के बारे में ईमानदार बातचीत करने के बजाय सिंह ने छल का रास्ता चुना। फैब्रो के मुताबिक, "आपने उन्हें यह कह कर धोखे में रखा कि आप पुरुष थे और आप पुरुष की तरह काम करते थे।"

'बीमार खेल के लिए हमें किया इस्तेमाल'
सिंह को जेल में 10 साल की सजा काटनी होगी। रिपोर्टों की मानें तो एक यौन हानि निवारण आदेश भी लगाया गया था। कोर्ट में पीड़ितों में से एक ने बताया, "मेरा मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ। मुझे गंभीर चिंता और अवसाद है। मुझे अवसाद के लिए दवा लेनी पड़ी है। मैं उस समय केवल 16 साल की थी और अपने जीवन में एक बहुत ही कमजोर जगह पर थी। प्रतिवादी ने अपने फायदे के लिए इसका इस्तेमाल किया। उन्होंने मुझे अपने बीमार खेल के लिए इस्तेमाल किया।"

सोशल मीडिया-डेटिंग ऐप पर फुसलाया था
इस बीच, एक अन्य पीड़िता ने कहा कि वह अपमानजनक रिश्ते के बाद अपने जीवन की नई शुरुआत न कर पाई। पीड़िता ने कहा, "मुकदमे से ठीक पहले मेरा गर्भपात हो गया था और मुझे हन्ना के बारे में सोचना था। मैं यह बताने के लिए संघर्ष करती हूं कि हन्ना ने मुझे कैसे प्रभावित किया।" बताया गया कि ट्रांसजेंडर शख्स इन पीड़ितों से सोशल मीडिया और चिकन की दुकानों के जरिए मिला था, जबकि तीसरे शिकार को उसने प्लेंटी ऑफ फिश नामक डेटिंग साइट के जरिए बहलाया-फुसलाया था। 

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