जोमैटो के जवाब ने जीत लिया लोगों का दिल, कहा- 'खाने का कोई धर्म नहीं होता, खाना खुद एक धर्म होता है'

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Updated Jul 31, 2019 | 16:08 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

एक ग्राहक ने जोमैटो से ऑर्डर किए गए फूड को इसलिए लेने से मना कर दिया क्योंकि डिलिवरी बॉय मुसलमान था। हालांकि जोमैटो ने जो जवाब दिया उसने सभी का दिल जीत लिया। वहीं ग्राहक को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया गया।

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ग्राहक ने मुस्लिम डिलीवरी बॉय से खाना लेने के लिए किया मना   |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • ग्नाहक ने गैर-हिंदू से खाना लेने से किया था मना
  • जोमैटो ने ट्वीट कर कहा कि खाने का कोई धर्म नहीं होता
  • जोमैटो फाउंडर ने कहा कि अपने मूल्यों के साथ नहीं कर सकते समझौता

नई दिल्ली:  भारत में हर जाति और धर्म के लोग बहुत ही सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारा के साथ रहते हैं। इसी को लेकर एक देश प्रेम की कविता है- 'मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हम,वतन है हिन्दोस्तां हमारा।'  इस कविता को पढ़ने के बाद आजादी के पूर्व सभी ने अपने धर्म और मजहब को भूल कर देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने की ठानी थी। 

सभी ने अपने आप को भारतीय मानते हुए भारत को आजाद कराने में पूरे तन- मन से जुट गए थे और इसी का परिणाम था कि भारत स्वतंत्र हुआ, लेकिन एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने एक बार फिर इंसान के घृणित सोच को उजागर कर दिया है। ऑनलाइन फूड सर्विस वेबसाइट जोमैटो बड़े और छोटे शहरों में बीते समय में काफी तेजी से उभरा है, लेकिन एक ग्राहक ने जौमेटो द्वारा भेजे गए खाने को इसलिए खाने से मना कर दिया क्योंकि कंपनी का राइडर एक मुस्लिम था।

क्या है मामला?
हुआ कुछ यूं कि ट्विटर पर अमित शुक्ल नाम के एक यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि उसने जोमैटो का ऑर्डर इसलिए कैंसिल कर दिया क्योंकि राइडर मुस्लिम था। इसके साथ ही उसने आरोप लगाते हुए कहा कि अब जोमैटो उसका पैसा वापस नहीं कर रहा है। अमित शुक्ल ने ट्वीट किया,' अभी- अभी जोमैटो पर एक ऑर्डर कैंसिल किया। उन्होंने एक गैर- हिंदू राइडर को फूड लेकर भेजा था और कहा कि वह राइडर को बदल नहीं सकते, वह ऑर्डर कैंसिल करने पर पैसे भी वापस नहीं कर सकते हैं। मैंने कहा कि आप मुझे डिलीवरी लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकते, मैं नहीं चाहता कि पैसे वापस आएं लेकिन ऑर्डर कैंसिल कर दिया जाए।'

 

 


जोमैटो ने दिया करार जवाब
अमित की शिकायत के बाद जोमैटो ने जवाब देते हुए ट्वीट किया,' खाने का कोई धर्म नहीं होता है। खाना खुद एक धर्म है।' जोमैटो के बाद इसके फाउंडर दीपेंद्र गोयल ने भी अमित को जवाब देते हुए कहा कि हमें भारत के विचारों और अपने ग्राहकों और पार्टनरों की विविधता पर गर्व है। दीपेंद्र गोयल ने ट्वीट किया,'हमें भारत के विचारों  और अपने ग्राहकों और पार्टनरों की विविधता पर गर्व है। हमारे मूल्यों के रास्ते में आने वाले किसी भी बिजनेस के नुकसान को हम उठाने के लिए तैयार हैं और हमें इसका खेद भी नहीं होगा।'

 

 

 

 

शिकायतकर्ता को किया गया ट्रोल
अमित शुक्ल को सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल किया जा रहा है। कई यूजर्स ने अमित को काफी खरी - खोटी सुनाया और उसको ट्विटर पर से ब्लॉक करने की अपील की। वहीं यूजर्स ने जोमौटो और उसके फाउंडर के जवाब की काफी तारीफ भी कर रहे हैं। 

 

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