कभी था सिक्योरिटी गार्ड, अब चाय के स्टार्टअप से हर महीने कमा रहा 2 लाख रुपए

एक समय सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने वाले पुणे के रेवन शिंदे ने चाय का स्टार्टअप शुरू किया और अब उससे हर महीने 2 लाख रुपए कमा रहे हैं, जिसमें 50 लाख रुपए मुनाफा है।

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रेवन शिंदे 

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पुणे के रेवन शिंदे ने पिछसे साल चाय का स्टार्टअप शुरू किया था, जिसमें आज उन्हें जो सफलता हासिल हुई है, वो दूसरे के लिए मिसाल बन रही है। आपको जानकार हैरानी होगी कि वो पहली सिक्योरिटी गार्ड थे। दिसंबर 2019 में उनकी नौकरी नहीं रही। जून 2020 में उन्होंने ये स्टार्टअप शुरू किया। आज उन्हें इससे एक महीने में 50,000 रुपए का लाभ होता है। अब पांच कर्मचारी हैं जो एक दिन में लगभग 700 कप चाय वितरित करते हैं।

शिंदे ने बताया, 'लॉकडाउन में ढिलाई और कार्यालयों के फिर से खुलने के बाद लोगों को चाय मिलना मुश्किल हो गया। हमने लोगों की प्रतिक्रिया देखने के लिए मुफ्त में चाय और कॉफी देने का फैसला किया। अब हम रोजाना 700 कप चाय बेचते हैं।'

लॉकडाउन में बढ़ी परेशानी

रेवन ने बताया, 'लगभग छह साल पहले मैं काम की तलाश में अपने भाई-बहनों के साथ पुणे आया और मुझे पिंपरी-चिंचवाड़ की एक लॉजिस्टिक्स कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी मिल गई, जिसमें महज 12,000 रुपए महीने की तनख्वाह थी।' हालांकि, दिसंबर 2019 में कंपनी बंद हो गई और रेवन ने अपनी नौकरी खो दी। उन्होंने कहा कि मैंने स्नैक्स सेंटर में काम करना शुरू किया। फिर 15 मार्च को मैंने एक जगह किराए पर ली और पिंपरी में अपना स्नैक और टी कॉर्नर शुरू किया।  

बाद में लॉकडाउन लग गया और शिंदे की सारी सेविंग्स भी खत्म हो गई। किसी तरह कुछ महीने निकालते हुए जून में रेवन ने फिर से अपने पैरों पर खड़ा होना शुरू किया। उन्होंने बताया, 'उस समय शहर धीरे-धीरे खुलने लगा और लोग कम संख्या में काम करने लगे। लेकिन फिर भी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण, औद्योगिक और बैंकिंग क्षेत्रों के कर्मचारी अपने निकटतम चाय विक्रेताओं से संपर्क करने से आशंकित थे।'

शुरू में लोगों को दी फ्री में चाय

रेवन ने थर्मस और पेपर कप के साथ संभावित ग्राहकों तक पहुंचना शुरू कर दिया- सीधे उनके कार्यालयों में। पहले मुफ्त में चाय की पेशकश की। इस तरह धीरे-धीरे चाय की मांग बढ़ने लगी। उन्होंने दो महीने तक मुफ्त चाय उपलब्ध कराने की कवायद जारी रखी। कुछ समय बाद ग्राहकों ने उन्हें ऑर्डर के लिए फोन करना शुरू कर दिया। अदरक की चाय के साथ, कॉफी और गर्म दूध भी उपलब्ध कराने लगे। चाय का छोटा कप 6 रुपए में, जबकि बड़े कप की कीमत 10 रुपए है।

छह महीने बाद पिंपरी-चिंचवाड़ में लगभग 700 कप वितरित होने लगे हैं और 2,000 रुपए का हर रोज लाभ हो रहा है। हर महीने 2 लाख रुपए की कमाई हो रही है, जिसमें से लगभग 50,000 रुपए का मुनाफा है।

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