VIDEO: 'सैनिक' की देशवासियों से भावुक अपील- चीनी ऐप डिलीट करो, उनके सामानों का बहिष्कार करो

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 27, 2020, 10:30 AM IST

Soldier Video: सोशल मीडिया पर एक सैनिक का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो देशवासियों से चाइनीज ऐप्स को डिलीट करने और चीनी उत्पादों का बॉयकॉट करने की अपील कर रहा है।

VIDEO: 'सैनिक' की देशवासियों से भावुक अपील- चीनी ऐप डिलीट करो, उनके सामानों का बहिष्कार करो

नई दिल्ली: जब से सीमा पर भारत का चीन के साथ तनाव बढ़ा है, तभी से देश में चीन के सामानों के खिलाफ भी माहौल बना है, चीनी समानों के बहिष्कार की आवाजें बुलंद हुई हैं। 15 जून को लद्दाख में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में हमारे 20 जवान शहीद हो गए। इसके बाद 'बॉयकॉट चाइनीज प्रोडक्ट्स' ने और जोर पकड़ लिया। हालांकि सरकार की तरफ से इस तरह की कोई बात नहीं की गई है। जनता के द्वारा और साथ ही अलग-अलग मंचों से चीन के उत्पादों के खिलाफ आवाज उठ रही है।  

अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक सैनिक देशवासियों से चीनी उत्पादों और चाइनीज मोबाइल ऐप्स का बहिष्कार करने की अपील कर रहा है। इस वीडियो में यह सैनिक बताता है कि भारतीय सेना कठिन परिस्थितियों में अपना कर्तव्य निभा रही है और वह देशवासियों से अपील करता है कि नागरिक के रूप में सभी को चीनी ऐप और उत्पादों का बहिष्कार करके अपना कर्तव्य पूरा करना चाहिए। 

'थोड़ी देशभक्ति जगाओ'

वीडियो में जवान कहता है कि वो चीनी बॉर्डर की तरफ जा रहे हैं। वो एक ट्रक भी दिखाता है, जिसमें ये जा रहे हैं। वो कहता है कि आगे जाने के लिए सड़क नहीं है। जवान आगे कहता है कि बढ़िया है आप लोग उधर मस्त रहिए, हम देश के लिए कुछ न कुछ कर रहे हैं। आप भी चाइना के ऐप डिलीट करो। उनके उत्पादों का बॉयकॉट करो। थोड़ी देशभक्ति जगाओ। आप उंगली से तो ऐसा कर सकते हो। हमें अच्छा लगेगा।

बबीता फोगात ने शेयर किया वीडियो

महिला रेसलर बबीता फोगाट ने भी इस वीडियो को शेयर किया है। उन्होंने लिखा, 'भारत चाइना बॉर्डर से भारतीय सेना के एक जवान की देशवासियों से चीनी सामान के बहिष्कार के लिए मार्मिक अपील जरूर सुनें। सुनकर आंखों में आंसू आ जाएंगे। इस वीडियो को देश के कोने कोने में पहुंचा दें। सेना के जवान ने देशवासियों से सहयोग मांगा है।' 

ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, लेकिन टाइम्स नाउ हिन्दी इसके सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

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