जरा देखूं तो कॉपर पेट से चिपकता है या नहीं! यही सोच 54 मैग्‍नेटिक बॉल निगल गया बच्चा, फिर 6 घंटे चला ऑपरेशन

ट्रेंडिंग/वायरल
Updated Feb 10, 2021 | 13:48 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

विज्ञान में एक्‍सपेरिमेंट यानी प्रयोग खूब होते हैं, लेकिन कोई प्रयोग-प्रयोग में 54 मैग्‍नेटिक बॉल निगल जाए तो? एक बच्‍चे ने ऐसा ही किया, जिसके बाद उसकी जान को जोखिम पैदा हो गया।

जरा देखूं तो कॉपर पेट से चिपकता है या नहीं! यही सोच 54 मैग्‍नेटिक बॉल निगल गया बच्चा, फिर 6 घंटे चला ऑपरेशन
जरा देखूं तो कॉपर पेट से चिपकता है या नहीं! यही सोच 54 मैग्‍नेटिक बॉल निगल गया बच्चा, फिर 6 घंटे चला ऑपरेशन  |  तस्वीर साभार: YouTube

नई दिल्‍ली : विज्ञान का ऐसा फितूर क‍ि 12 साल का बच्‍चा एक-एक करके 54 मैग्‍नेटिक बॉल निगल गया। दरअसल, वह देखना चाहता था कि क्‍या इन मैग्‍नेट्स को निगलने के बाद उसका पेट उसी तरह पास आने पर धातुओं को चिपका लेता है, जिस तरह धातु किसी मैग्‍नेट से चिपक जाते हैं। लेकिन उसका यह प्रयोग इतना भारी पड़ा कि वह अस्‍पताल में पहुंच गया और बड़ी मुश्किल से उसकी जान बचाई जा सकी।

यह मामला ब्रिटेन में ग्रेटर मैनचेस्‍टर के प्रेसविच का बताया जा रहा है, जहां 12 साल के बच्‍चे राइली मॉरीसन ने 1 और 4 जनवरी को एक-एक करके 54 मैग्‍नेटिक टॉय बॉल निगल लिए। उसे उम्‍मीद थी कि जब यह पेट के भीतर रहेगा तो उसके पेट में कॉपर जैसे धातु उसी तरह चिपक जाएंगे, जैसे वे मैग्‍नेट से चिपकते हैं। उसे इसे देखने का रोमांच भी था कि जब वह ट्वायलेट जाता है तो ये किस तरह निकलते हैं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

6 घंटे तक चली सर्जरी

'मेट्रो यूके' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बुरी तरह डरे राइली ने फिर रात के 2 बजे अपनी मां को जगाया और बताया कि उसने गलती से दो मैग्‍नेटिक बॉल निगल लिए। मां चिंतित हुई और उसे डॉक्‍टर के पास ले गई, जहां एक्‍सरे से पता चला कि उसके पेट में दो नहीं इससे कहीं अधिक मैग्‍नेट्स पड़े हुए हैं। डॉक्‍टर ने तुरंत सर्जरी की जरूरत बताई, क्‍योंकि उन्‍हें डर था कि इससे उसकी जान को खतरा हो सकता है। 6 घंटे की सर्जरी के बाद उसकी जान बचाई जा सकी।

बच्‍चे की इस हालत को लेकर राइली की मां बुरी तरह डर गई थीं, जिन्‍होंने बताया कि 10 दिनों तक उसे सिर्फ ट्यूब से खाने-पीने को दिया गया। उन्‍होंने बताया कि उनके बेटे की गहरी रुचि साइंस में रही है और वह अक्‍सर तमाम तरह के वैज्ञानिक प्रयोग करता रहता है। लेकिन वह एक ऐसा प्रयोग कर बैठेगा, जिससे उसकी जान को ही जोखिम पैदा हो जाएगा, इसके बारे में सोचकर ही वह सिहर जा रही हैं। राइली को दो सप्‍ताह बाद अस्‍पताल से छुट्टी मिली, जिस दौरान उसे बेहद दर्द व तकलीफ से गुजरना पड़ा।
 

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर