Teacher's Day Shayari: टीचर्स डे पर इन शायरियों से दें अपने शिक्षक को शुभकामनाएं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 4, 2020, 02:28 PM IST

Teacher's Day Hindi/Urdu Shayari: 5 सितंबर को टीचर्स डे मनाया जाता है इस दिन आप अपने उस्ताद/गुरु/शिक्षक को इन शायरियों/कविताओं के जरिए शुभकामनाएं दे सकते हैं।

Teacher's Day Shayari: टीचर्स डे पर इन शायरियों से दें अपने शिक्षक को शुभकामनाएं
Photo Credit: Times Now

Teacher's Day Shayari: भारतीय धर्म शास्त्रों में गुरु की बड़ी महिमा गाई गई है। देश में हमारे यहां गुरु पूर्णिमा भी मनाई जाती है जो गुरु के सम्मान का महापर्व होता है। 5 सितंबर का दिन भी गुरु, शिक्षक यानी उस्ताद के प्रति सम्मान का दिन होता है। 5 सितंबर और शिक्षक दिवस भारत में एक-दूसरे के पर्यायवाची से लगते हैं क्योकि इस दिन ही हम अपने देश में शिक्षक दिवस मनाते हैं। शिक्षक दिवस हम देश के पूर्व उप राष्ट्रपति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में मानते हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत योगदान दिया दिया है। उनका कहना था कि “यदि सही तरीके से शिक्षा दी जाए तो समाज की बुराईयों को मिटाया जा सकता है”। 

शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उनके जन्म दिन को शिक्षक दिवस यानी टीटर्स डे के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक दिवस यानी टीचर्स डे को स्कूल, कॉलेज और इंस्टीट्यूट में बहुत धूम-धाम से मनाया जाता है। यह गुरु स्कूल शिक्षक से लेकर, कॉलेज प्रोफेसर तक या फिर ट्रेनर से लेकर कोच तक कोई भी वह शख्‍स हो सकता है, जिसने आपके जीवन जीने का पूरा नजरिया बदल दिया हो।  आप भी अपने शिक्षकों को टीचर डे शायरी भेजना चाहते हैं तो इन शायरियों को भेज सकते हैं। 
 

Teacher's Day Shayari-टीचर्स डे शायरी


1.अदब तालीम का जौहर है जेवर है जवानी का
वही शागिर्द हैं जो खिदमत-ए-उस्ताद करते हैं

2.मां-बाप और उस्ताद सब हैं खुदा की रहमत
है रोक-टोक उन की हक में तुम्हारे नेमत

3. कितनी मेहनत से पढ़ाते हैं हमारे उस्ताद
हम को हर इल्म सिखाते हैं हमारे उस्ताद
तोड़ देते हैं जहालत के अंधेरों का तिलिस्म
इल्म की शमआ जलाते हैं हमारे उस्ताद


4."गुमनामी के अंधेरे में था
पहचान बना दिया
दुनिया के गम से मुझे
अनजान बना दिया
उनकी ऐसी कृपा हुई
गुरू ने मुझे एक अच्छा
इंसान बना दिया"





5. जल जाता है वो दिए की तरह,
कई जीवन रोशन कर जाता है।
कुछ इसी तरह से हर गुरु,
अपना फर्ज निभाता है।


6. अज्ञान को मिटा कर,
ज्ञान का दीपक जलाया है।
गुरु कृपा से मैंने,
ये अनमोल शिक्षा पाया है।


7.जिसे देता है हर व्यक्ति सम्मान,
जो करता है वीरों का निर्माण।
जो बनाता है इंसान को इंसान,
ऐसे गुरु को हम करते हैं प्रणाम।


8.गुरू बिना ज्ञान कहां,
उसके ज्ञान का आदि न अंत यहां।
गुरू ने दी शिक्षा जहां,
उठी शिष्टाचार की मूरत वहां।


9.शांति का पढ़ाया पाठ,
अज्ञान का मिटाया अंधकार,
गुरू ने सिखाया हमें,
नफरत पर विजय है प्यार।


10.माता-पिता की मूरत है गुरू,
इस कलयुग में भगवान की सूरत है गुरू।

11.भगवान ने दी जिंदगी,
माँ-बाप ने दिया प्यार,
पर सीखने और पढ़ाई के लिए ए गुरु हम है तेरे शुक्रगुजार।

12.सत्य का पाठ जो पढ़ाये,
वही सच्चा गुरू कहलाये,
जो ज्ञान से जीवन को आसान बनाये,
वही सच्चा गुरू कहलाये।


12.बिना गुरू नहीं होता जीवन साकार,
सर पर होता जब गुरू का हाथ,
तभी बनता जीवन का सही आकार,
गुरू ही है सफल जीवन का आधार।


13.आदर्शों की मिसाल बनकर,
बाल जीवन संवारता शिक्षक,
सदाबहार फूल सा खिलकर,
महकता और महकाता शिक्षक,
नित नए प्रेरक आयाम लेकर,
हर पल भव्य बनाता शिक्षक,
संचित धन का ज्ञान हमें देकर,
खुशियाँ खूब मनाता शिक्षक।






14.आपने बनाया है मुझे इस योग्य,
की प्राप्त कर सकूँ मैं अपने लक्ष्य,
दिया है आपने मुझे हर समय इतना सहारा,
जब भी लगा मुझे की अब मैं हारू।


15.रोशनी बनकर आए जो हमारी जिंदगी में,
ऐसे गुरूओं को में प्रणाम करता हूँ,
जमीन से आसमान तक पहुँचाने का रखते है जो हुनर,
ऐसे टीचर्स को मैं दिल से सलाम करता हूँ।


16. तुमने सिखाया ऊंगली पकड़ कर चलना ,
तुमने सिखाया कैसे गिरने के बाद संभालना ,
तुम्हारी वजह से आज हम पहुंचे हैं इस मुकाम पे।
 
 



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