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परीक्षा पे चर्चा 2026: पीएम मोदी ने छात्रों को दिया लोकल ट्रैवल और स्मार्ट स्टडी का मंत्र

देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने परीक्षा पे चर्चा 2026 में कार्यक्रम में छात्रों को पढ़ाई को बोझ न मानने, स्थानीय स्थानों की यात्रा कर सीखने और अपने तरीके से अध्ययन करने की सलाह दी। आइए विस्तार से जानते हैं उनकी स्टूडेंट्स को दी सलाह...

Pariksha Pe Charcha 2026

Pariksha Pe Charcha 2026

Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 'परीक्षा पे चर्चा 2026' में छात्रों, शिक्षकों और माता-पिता के साथ संवाद किया। इस अवसर पर, उन्होंने छात्रों को न केवल परीक्षा के तनाव से निपटने के लिए बल्कि अपने विकास के लिए भी महत्वपूर्ण सलाह दी। मोदी ने छात्रों को अपने आस-पास के क्षेत्रों का अन्वेषण करने और स्थानीय यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को पहले अपने जिले, शहर और राज्य के भीतर के स्थलों की एक सूची बनानी चाहिए। इस प्रकार की यात्रा न केवल सस्ती होती है, बल्कि यह छात्रों को उनके आसपास के वातावरण को समझने में भी मदद करती है। मोदी ने कहा, "स्थानीय यात्रा से छात्रों को सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामुदायिक अनुभवों का समृद्ध ज्ञान मिलता है।"

शिक्षा को न मानें बोझ

मोदी ने शिक्षा को बोझ नहीं समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि "शिक्षा में हमारी पूरी भागीदारी होनी चाहिए। आधी-अधूरी शिक्षा से सफलता नहीं मिलती।" उन्होंने छात्रों को याद दिलाया कि परीक्षा एक उत्सव की तरह होनी चाहिए और इसे सकारात्मकता के साथ मनाना चाहिए। छात्रों को अपने अध्ययन के तरीके को स्वयं निर्धारित करने के लिए भी प्रेरित किया गया। मोदी ने कहा, "हर किसी का अध्ययन करने का अपना तरीका होता है। कुछ लोग सुबह बेहतर पढ़ते हैं, जबकि कुछ रात में। जो आपके लिए सही हो, उसी पर विश्वास करें।"

इस कार्यक्रम में समूह अध्ययन के महत्व पर भी चर्चा की गई। मोदी ने कहा कि एक साथ अध्ययन करने से सीखने की प्रक्रिया अधिक आनंददायक और प्रभावी होती है। 'परीक्षा पे चर्चा' का यह संस्करण रिकॉर्ड तोड़ते हुए 4.50 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिसमें 4.19 करोड़ छात्र, 24.84 लाख शिक्षक और 6,15,064 माता-पिता शामिल थे। यह कार्यक्रम 2018 में शुरू हुआ था और तब से यह भारत के सबसे बड़े शिक्षा जुड़ाव अभियानों में से एक बन गया है।

छात्रों को पीएम का संदेश

प्रधान मंत्री ने अंत में छात्रों को यह याद दिलाया कि जीवन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। "अध्ययन, आराम, कौशल और शौक का संतुलन ही विकास की कुंजी है," उन्होंने कहा। इस प्रकार, मोदी का यह संदेश छात्रों को न केवल उनकी शैक्षिक यात्रा में मदद करेगा, बल्कि उन्हें जीवन के अन्य पहलुओं में भी प्रगति करने के लिए प्रेरित करेगा।

गुलशन कुमार
गुलशन कुमार author

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लो... और देखें

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