Amarnath Yatra routes: अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म की एक पवित्र तीर्थयात्रा है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए यहां आते हैं। यह यात्रा जम्मू-कश्मीर की ऊंची पहाड़ियों में होती है और इसे बेहद आध्यात्मिक और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस यात्रा के दो मुख्य रास्ते हैं और दोनों की अपनी खासियत, दूरी और कठिनाई स्तर है। इस आर्टिकल के माध्यम से डिटेल में दोनों रास्ते के बारे में समझाया गया है।
1- पहलगाम मार्ग: पारंपरिक और आरामदायक रास्ता
यह सबसे पुराना और पारंपरिक रूट माना जाता है। अगर आप धीरे-धीरे और आराम से यात्रा करना चाहते हैं तो पहलगाम वाला रास्ता आपके लिए बेस्ट है। इस रास्ते में आपको पहले जम्मू से होते हुए पहलगाम पहुंचना होता है। इसके बाद यात्रा आगे ऐसे बढ़ती है-
रूट: पहलगाम- चंदनवाड़ी- पिस्सू टॉप- शेषनाग- पंचतरणी- अमरनाथ गुफा
इस पूरे रास्ते की दूरी लगभग 32 किलोमीटर होती है। इस रूट का बेस कैंप नुनवान में होता है, जो पहलगाम के पास अनंतनाग जिले में स्थित है। यहां से श्रद्धालु आगे चंदनवाड़ी की तरफ बढ़ते हैं, जो करीब 12 किलोमीटर दूर है। यही से आगे की असली चढ़ाई शुरू होती है।
खास बात
- रास्ता लंबा है लेकिन धीरे-धीरे चढ़ाई होती है
- बीच में कई पड़ाव और सुविधाएं मिलती हैं
- बुजुर्ग और पहली बार यात्रा करने वालों के लिए ज्यादा बेहतर माना जाता है
2- बालटाल मार्ग: छोटा लेकिन चुनौतीपूर्ण रास्ता
दूसरा रास्ता बालटाल से शुरू होता है जो भले ही छोटा हो लेकिन इसे बहुत खड़ा और कठिन माना जाता है। इसकी कुल दूरी लगभग 14 किलोमीटर होती है, जो पहलगाम मार्ग से काफी कम है। इसमें यात्रा इस तरह होती है।
रूट: बालटाल-दोमेल-बरारी-अमरनाथ गुफा
बेस कैंप और पहुंच
इस रूट का बेस कैंप Baltal (सोनमर्ग के पास) होता है, जो गांदरबल जिले में आता है। यह श्रीनगर से लगभग 95 किलोमीटर दूर है। यात्रा का एंट्री पॉइंट दोमेल होता है, जो बालटाल से करीब 2.5 किलोमीटर दूर है।
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खास बात
- रास्ता छोटा है, इसलिए जल्दी यात्रा पूरी हो जाती है
- लेकिन चढ़ाई बहुत तेज और कठिन होती है
- फिट और अनुभवी यात्रियों के लिए बेहतर माना जाता है
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अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
ठहरने की व्यवस्था की बात करें तो प्रमुख पड़ावों पर यहां किराये पर टेंट उपलब्ध कराए जाते हैं, जहां श्रद्धालु रुक सकते हैं। यात्रा के दौरान दोनों मार्गों पर लंगर की सुविधा (मुफ्त भोजन, पीने का पानी और हल्के नाश्ते) होती है। चिकित्सा सुविधा जैसे- मेडिकल सहायता केंद्र, आपातकालीन सहायता, ऑक्सीजन बूथ और एंबुलेंस जैसी सुविधाएं भी होती हैं। श्रद्धालुओं के सामान को सुरक्षित रखने के लिए क्लॉक रूम की सुविधा भी होती है।
