सूर्य ग्रहण को अंग्रेजी में सोलर एक्लिप्स कहते हैं और यह एक तरह का ग्रहण है। यह तब पड़ता है, जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी की ओर जा रहा होता है और बीच में चांद आ जाता है, इस स्थिति में सूरज का कुछ या कभी-कभी पूरा हिस्सा नहीं दिख पाता है। यानी चंद्रमा तब सूर्य की रोशनी को धरती पर पड़ने से रोकता या बाधित करता है। दुनिया में जहां कहीं भी इस दौरान सूरज कटा हुआ, अधूरा या गायब नजर आता है, तब इस पूरे घटनाक्रम को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
सूर्य ग्रहण तीन प्रकार (1- पूर्ण सूर्य ग्रहण, 2- आंशिक सूर्य ग्रहण और 3- वलयाकार सूर्य ग्रहण।) का होते हैं। आंशिक में आधा या लगभग उतना हिस्सा नजर आता है। वलयाकार में थोड़ा सा हिस्सा ही दिखता है, जबकि पूर्ण में सूर्य न के बराबर दिखता है। अधिकतर आंशिक सूर्य ग्रहण ही देखने को मिलता है।