धनतेरस पांच दिन तक चलने वाले दिवाली पर्व का पहला दिन है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान धन्वंतरि सागर मंथन के दौरान हाथ में कलश लिए उत्पन्न हुए थे। धनतेरस को खरीदारी के लिए साल का सबसे शुभ दिन माना जाता है। मां लक्ष्मी के साथ-साथ धन के देवता कुबेर, धन्वंतरि और यम देवता की पूजा की जाती हैं। धनतेरस के दिन सभी लोग धन्वंतरि देवता, भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी से सदैव प्रसन्न रहने, स्वस्थ रहने और जीवन की सभी बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करते हैं। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की षोडशोपचार की पूजा करें यानी 16 क्रियाओं से पूजा करें। पूजा के अंत में सांगता सिद्धि के लिए दक्षिणा जरूर चढ़ाएं। धनतेरस के दिन घर के ईशान कोण में धन्वंतरी भगवान की पूजा करें। पूजा करते समय अपने मुंह को हमेशा ईशान, पूर्व या उत्तर दिशा में ही रखें। पूजा करते समय पंचदेव यानी भगवान सूर्य, भगवान गणेश, माता दुर्गा, भगवान शिव और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।