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DeepTech In Budget 2024: क्या है डीप टेक, जिसके लिए रक्षा मंत्रालय को मिले 1 लाख करोड़ रुपये

DeepTech In Budget 2024: डीप टेक्नोलॉजी एक नए प्रकार के टेक्नोलॉजी क्षेत्र को दर्शाता है जो मुख्य रूप से डीप मशीन लेनिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित है।

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DeepTech In Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को अपने बजट भाषण के दौरान कहा कि रक्षा क्षेत्र के लिए गहन टेक्नोलॉजी को मजबूत करने के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई टेक्नोलॉजी से कारोबार को मदद मिल रही है। इस दौरान उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के नारे को भी दौहराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे और विस्तार देते हुए जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान का नारा दिया है।

डीप टेक टेक्नोलॉजी

अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने डीप टेक की चर्चा भी की। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के रक्षा मंत्रालय को 6.2 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह पिछले साल के रक्षा बजट से 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जो 5.94 लाख करोड़ रुपये था। पिछले साल की तरह, रक्षा मंत्रालय का बजट फिर से भारत के अंतरिम बजट का एक बड़ा हिस्सा है।

इस वर्ष के रक्षा बजट में जो बात सामने आई, वह यह है कि वित्त मंत्री सीतारमण ने एक नई योजना की घोषणा की, जिसे रक्षा उद्देश्यों के लिए डीप टेक टेक्नोलॉजी को मजबूत करने और हमारे रक्षा बलों की 'आत्मनिर्भरता' में तेजी लाने के लिए शुरू किया जाएगा।

क्या है डीप टेक टेक्नोलॉजी?

डीप टेक, या डीप टेक्नोलॉजी है और इसका इस्तेमाल इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी संबंधित स्टार्टअप में किया जाता है। डीप टेक्नोलॉजी एक नए प्रकार के टेक्नोलॉजी क्षेत्र को दर्शाता है जो मुख्य रूप से डीप मशीन लेनिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित है। यह टेक्नोलॉजी मानव मनोबल, बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग और विभिन्न क्षेत्रों में सुधार करने के लिए उपयोग की जा सकती है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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