केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि भारत, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रैक्टिकल इस्तेमाल पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसमें उद्यमों की उत्पादकता बढ़ाना तथा स्वास्थ्य, कृषि एवं जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों के समाधान शामिल हैं।
एआई प्रदर्शनी में युवाओं की मजबूत भागीदारी
भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ’इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के तहत एक शोध संगोष्ठी को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने एआई प्रदर्शनी में मंगलवार को युवाओं की मजबूत भागीदारी और उनमें दिखे उत्साह को लेकर खुशी जाहिर की।उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में करीब ढाई लाख लोगों ने हिस्सा लिया जिनमें अधिकतर की उम्र 30 वर्ष से कम थी।
युवाओं का एआई को लेकर सकारात्मक नजरिया
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, "जब मैंने युवाओं से बात की तो जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। मैं इस बात से हैरान था कि अधिकतर युवाओं ने अपने लिए आ रहे इस अवसर को लेकर कितना सकारात्मक नजरिया अपनाया है।"
भारत के लिए एक बिल्कुल नए भविष्य की उम्मीद
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें भारत और दुनिया के लिए एक बिल्कुल नए भविष्य की उम्मीद दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा, "भारत में हम सीमांत स्तर पर एआई, व्यावहारिक उपयोगों के लिए एआई, वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए एआई, उद्यमों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए एआई और स्वास्थ्य, कृषि एवं जलवायु परिवर्तन जैसी जनसंख्या से जुड़ी समस्याओं के लिए एआई पर खास ध्यान दे रहे हैं। भारत में यही हमारी प्राथमिकता है और यह सम्मेलन ऐसे ही अवसर प्रदान करता है।’’
एआई का इस्तेमाल मानवता के हित में हो
केंद्रीय मंत्री ने संगोष्ठी में शामिल प्रतिभागियों से एआई को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस एवं व्यावहारिक सुझाव देने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा एक सशक्त उपकरण है और इसका उपयोग मानवता के हित में होना चाहिए। देश के सबसे बड़े ग्लोब एआई सम्मेलनों में शामिल ’इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में नीति निर्माता, उद्योग जगत के लोग और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ एकत्र हुए हैं तथा यहां इनोवेशन, संचालन व्यवस्था एवं वास्तविक उपयोगों पर विचार-विमर्श जारी है।
