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IMC 2026: देखते ही हो जाएगा UPI पेमेंट, Jio ने पेश किया क्रांतिकारी AI स्मार्ट चश्मा

नई दिल्ली में चल रहे IMC 2026 में रिलायंस जियो ने AI स्मार्ट ग्लासेज और ईयरबड्स पेश किए हैं। जियो के कैमरा वाले ग्लासेज से बिना फोन निकाले UPI पेमेंट का डेमो भी दिखाया गया।

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जियो दिखा रहा दो तरह के स्मार्ट ग्लासेज/Photo-AI

रिलायंस जियो ने India Mobile Congress 2026 में अपने कई AI-पावर्ड वियरेबल्स पेश किए हैं। इनमें AI स्मार्ट ग्लासेज और AI ईयरबड्स शामिल हैं, हालांकि ये डिवाइस अभी बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन कंपनी के डेमो ने यह जरूर दिखा दिया है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन के कई काम सीधे वियरेबल डिवाइस से किए जा सकते हैं। सबसे ज्यादा ध्यान कैमरा वाले स्मार्ट ग्लासेज ने खींचा, जिनके जरिए फोन निकाले बिना UPI पेमेंट का अनुभव दिखाया गया।

जियो दिखा रहा दो तरह के स्मार्ट ग्लासेज

जियो ने अपने स्मार्ट ग्लासेज के दो अलग-अलग मॉडल दिखाए हैं। इनमें से एक ऑडियो-फोकस्ड मॉडल है, जो सामान्य चश्मे जैसा दिखाई देता है और इसमें कोई नजर आने वाले वायर नहीं हैं। यूजर “Hello Jio” बोलकर AI असिस्टेंट को एक्टिव कर सकता है और इसके बाद सवाल पूछकर जानकारी हासिल कर सकता है।

दूसरा मॉडल कैमरा और विजुअल इंटेलिजेंस के साथ आता है। इसका मतलब है कि ग्लासेज यूजर के सामने मौजूद चीजों को समझने और उसी संदर्भ में AI से जवाब लेने में मदद कर सकते हैं। यही फीचर इसे सामान्य ऑडियो स्मार्ट ग्लासेज से अलग बनाता है।

फोन निकाले बिना UPI पेमेंट का डेमो

जियो के स्मार्ट ग्लासेज का सबसे दिलचस्प डेमो UPI पेमेंट से जुड़ा रहा। कंपनी ने कैमरा वाले ग्लासेज के जरिए बिना स्मार्टफोन निकाले UPI पेमेंट का अनुभव दिखाया। अगर यह फीचर भविष्य में पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से बाजार में आता है, तो यूजर्स के लिए पेमेंट करने का तरीका काफी बदल सकता है।

हालांकि, अभी जियो ने यह नहीं बताया है कि इस पेमेंट के दौरान यूजर की पहचान या ऑथेंटिकेशन किस तरह होगा। ट्रांजैक्शन लिमिट और सिक्योरिटी सिस्टम की जानकारी भी सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इसे एक डेमो के तौर पर ही देखना बेहतर होगा, न कि तैयार पेमेंट प्रोडक्ट के रूप में।

AI ईयरबड्स भी करेंगे काम आसान

जियो ने AI-पावर्ड ईयरबड्स भी दिखाए हैं। इनका एक प्रमुख इस्तेमाल नेविगेशन से जुड़ा है। ईयरबड्स के जरिए यूजर को यात्रा के दौरान लोकेशन और रास्ते से जुड़ी जानकारी मिल सकती है, जिससे बार-बार स्मार्टफोन की स्क्रीन देखने की जरूरत कम हो सकती है।

इस तरह जियो सिर्फ म्यूजिक और कॉल के लिए ईयरबड्स को इस्तेमाल करने के बजाय उन्हें AI और जानकारी हासिल करने के इंटरफेस के तौर पर पेश कर रहा है। स्मार्ट ग्लासेज और AI ईयरबड्स को एक साथ जोड़कर कंपनी अपना AI वियरेबल इकोसिस्टम भी तैयार करना चाहती है।

'Hello Jio' बन सकता है नया AI इंटरफेस

जियो के पूरे वियरेबल एक्सपीरियंस में वॉयस कमांड अहम भूमिका निभा रही है। यूजर “Hello Jio” बोलकर AI असिस्टेंट को एक्टिव कर सकता है और फिर सवाल पूछ सकता है। कैमरा वाले ग्लासेज में AI को विजुअल संदर्भ भी मिल सकता है।

अगर यह अनुभव सही तरीके से काम करता है, तो यूजर को हर छोटे काम के लिए फोन निकालने, ऐप खोलने और स्क्रीन पर टाइप करने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, असली चुनौती भी यही होगी कि भीड़भाड़ वाली सड़कों, बाजारों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसी जगहों पर यह सिस्टम कितना सटीक और भरोसेमंद रहता है।

कब लॉन्च होंगे जियो के AI ग्लासेज?

फिलहाल जियो ने इन प्रोडक्ट्स को IMC 2026 में प्रदर्शित किया है। कंपनी ने इनकी कीमत और पूरी कमर्शियल स्पेसिफिकेशन की जानकारी अभी नहीं दी है। जियो दिसंबर 2026 में AI ग्लासेज और AI ईयरबड्स लॉन्च कर सकता है, लेकिन यह अभी कंपनी की आधिकारिक लॉन्च डेट नहीं है।

अगर जियो इन ग्लासेज को सुरक्षित UPI पेमेंट, AI और भारतीय डिजिटल सेवाओं के साथ अच्छी तरह जोड़ पाता है, तो यह भारत के AI वियरेबल मार्केट में बड़ा बदलाव ला सकता है। फिलहाल इतना जरूर साफ है कि जियो चाहता है कि भारत का अगला AI इंटरफेस सिर्फ स्मार्टफोन की स्क्रीन तक सीमित न रहे।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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