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आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी को ट्रैक नहीं कर सकेंगी वेबसाइट, Google लाया तगड़ा इलाज

Google Tracking Protection For Cookies: कूकीज आपकी प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए भी बड़ा खतरा है। इसकी मदद से आपकी पर्सनल जानकारी और विशिष्ट प्राथमिकता का पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा आपकी वेब हिस्ट्री को भी ट्रैक किया जा सकता है।

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Google Chrome

Google Tracking Protection For Cookies: टेक दिग्गज गूगल ने दुनिया भर के 30 मिलियन गूगल क्रोम यूजर्स (1 फीसदी) के लिए थर्ड पार्टी कूकीज को डिफॉल्ट रूप से ब्लॉक करना शुरू कर दिया है। दिसंबर में गूगल ने इसकी घोषणा की थी। गूगल ने कहा कि कंपनी 4 जनवरी को लाखों क्रोम यूजर्स के लिए ऑटोमेटिक रूप से थर्ड-पार्टी कुकीज को ब्लॉक कर देगी, जिससे अन्य वेबसाइटें आपकी एक्टिविटी को ट्रैक नहीं कर सकेंगी। इसके अलावा, ब्राउजर इस तकनीक को 'ट्रैकिंग प्रोटेक्शन' से बदल देगा।

क्या होता है कूकीज?

कुकीज आपका छोटा डेटा होता है, जो यह बताता है कि साइट ब्राउज करते समय आपकी विशिष्ट प्राथमिकता क्या थी। यानी इनकी मदद से आपके व्यवहार को ट्रैक किया जा सकता है। कुकीज का उपयोग मुख्य रूप से यूजर्स को उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर पर्सनलाइज विज्ञापन और प्रोडक्ट दिखाने के लिए किया जाता है।

हालांकि, गूगल द्वारा होस्ट की गई थर्ड-पार्टी वेबसाइटों की कुकीज में भी आपके पर्सनल जानकारी तक पहुंचने की क्षमता होती है, और यह बैंडविड्थ जमा करके आपके ब्राउजर को धीमा कर सकती है। यही कारण हैं गूगल ने लाखों यूजर्स के लिए कुकीज से छुटकारा पाने का निर्णय लिया है।

कूकीज के क्या हैं खतरे?

कूकीज आपकी प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए भी बड़ा खतरा है। इसकी मदद से आपकी पर्सनल जानकारी और विशिष्ट प्राथमिकता का पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा आपकी वेब हिस्ट्री को भी ट्रैक किया जा सकता है।

गूगल की ट्रैकिंग सुरक्षा

थर्ड-पार्टी वेबसाइट से कुकीज को ब्लॉक करने के प्रयास में, गूगल ने ट्रैकिंग सुरक्षा पेश की है। इस नई सुविधा का उद्देश्य क्रॉस साइट ट्रैकिंग को रोकना है। नई सुविधा को 4 जनवरी से विंडोज, मैक, लिनक्स, एंड्रॉयड और आईओएस पर 30 मिलियन (3 करोड़) क्रोम यूजर्स के लिए एनेबल किया जा रहा है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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