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Google Gemini Ai Video: फेक है दिमाग हिला देने वाला जेमिनी एआई का डेमो वीडियो? गूगल ने दी सफाई

Google Gemini AI Video: गूगल का कहना है कि इस वीडियो को एडिट किया गया था। वास्तव में लाइव वीडियो को फुटेज से स्टिल इमेज फ्रेम का उपयोग करके और टेक्स्ट के माध्यम से निर्देश देकर बनाया गया था। यानी कि जेमिनी रियल टाइम में चित्रों या मेज पर वस्तुओं में परिवर्तन का जवाब दे रहा है या भविष्यवाणी कर रहा है एकदम गलत है।

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Google Gemini AI

Photo : Twitter

Google Gemini AI Video: इसी हफ्ते गूगल ने अपने नए एआई मॉडल जेमिनी एआई को पेश किया है। इसके साथ गूगल का दावा है कि यह एआई टूल का नया युग है। गूगल और कंपनी के मालिक सुंदर पिचाई ने जेमिनी एआई की क्षमताओं को दिखाने के लिए गूगल ने एक डेमो वीडियो भी दिखाया था। लेकिन, अब दावा किया जा रहा है कि जो डेमो वीडियो हमने देखा है वह बिल्कुल वास्तविक नहीं है! बल्कि नकली है। गूगल का कहना है कि इस वीडियो को एडिट किया गया था।

जेमिनी एआई का डेमो वीडियो

गूगल ने GPT-4 की टक्कर में जेमिनी एआई की क्षमताओं को दिखाने के लिए कुछ फीचर्स को दिखाया था। इस वीडियो का नाम "हैंड्स-ऑन विद जेमिनी: इंटरेक्शन विद मल्टी मॉडल एआई" है। वास्तव में लाइव वीडियो को फुटेज से स्टिल इमेज फ्रेम का उपयोग करके और टेक्स्ट के माध्यम से निर्देश देकर बनाया गया था। यानी कि जेमिनी रियल टाइम में चित्रों या मेज पर वस्तुओं में परिवर्तन का जवाब दे रहा है या भविष्यवाणी कर रहा है एकदम गलत है।

जेमिनी एआई की क्षमता पर संदेह पैदा करता है गूगल का दावा

यह अब गूगल के दावे और वीडियो को कमजोर बना देता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि बिना किसी सही डिस्क्लेमर के वीडियो वास्तव में दर्शकों को गुमराह करता है। इससे यह भी संदेह पैदा होता है कि जेमिनी एआई सार्वजनिक उपयोग के लिए कितना तैयार है।

गूगल ने क्या कहा?

गूगल डीपमाइंड में रिसर्च और डीप लर्निंग लीड के वीपी और जेमिनी के को-लीड, ओरिओल विन्याल्स का कहना है कि वीडियो में सभी यूजर्स प्रॉम्प्ट और आउटपुट रियल हैं, इन्हें संक्षिप्त किया गया है। वीडियो दिखाता है कि जेमिनी के साथ निर्मित मल्टी मॉडल यूजर्स एक्सपीरियंस कैसा दिख सकता है। हमने इसे डेवलपर्स को प्रेरित करने के लिए बनाया है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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