Georgia Meloni DeepFake Image: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी डीपफेक की शिकार हो गई हैं। उन्होंने ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपनी एक फर्जी और आपत्तिजनक तस्वीर को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस डीपफेक इमेज को सार्वजनिक रूप से शेयर करते हुए कहा कि यह घटना दिखाती है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गलत इस्तेमाल कर किसी की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
खुद शेयर कर किया खुलासा
मेलोनी ने अपने फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स अकाउंट पर इस एडिटेड फोटो को पोस्ट किया। इसके साथ उन्होंने एक यूजर “Roberto” का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसने इस तस्वीर को शेयर करते हुए उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मेलोनी ने लोगों को बिना सत्यापन के किसी भी कंटेंट को आगे बढ़ाने से बचने की सलाह दी।
“डीपफेक खतरनाक हथियार है”
मेलोनी ने अपने पोस्ट में कहा कि डीपफेक एक बेहद खतरनाक टूल बन चुका है, जो किसी को भी गुमराह, प्रभावित और टारगेट कर सकता है। उन्होंने कहा, “मैं खुद का बचाव कर सकती हूं, लेकिन बहुत से लोग ऐसा नहीं कर सकते।” इस बयान के जरिए उन्होंने आम लोगों के लिए भी इस खतरे को रेखांकित किया।
व्यंग्य के साथ जताई नाराजगी
उन्होंने व्यंग्य करते हुए यह भी कहा कि जिसने यह तस्वीर बनाई है, उसने उन्हें “काफी बेहतर” दिखा दिया है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि असली मुद्दा यह है कि आजकल किसी पर हमला करने और झूठ फैलाने के लिए किसी भी हद तक जाया जा सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मेलोनी इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगी या नहीं। हालांकि, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उन्हें इस मामले की शिकायत अधिकारियों से करने की सलाह दी है।
पहले भी दर्ज करा चुकी हैं मामला
गौरतलब है कि दो साल पहले भी मेलोनी ने एक व्यक्ति के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था, जिस पर उनके चेहरे का इस्तेमाल कर डीपफेक अश्लील तस्वीरें बनाने और ऑनलाइन पोस्ट करने का आरोप है। यह मामला अभी भी जारी है।
AI और डीपफेक पर सख्त रुख
मेलोनी सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक के खतरों को लेकर पहले से ही सख्त रुख अपनाए हुए है। पिछले साल सितंबर में इटली यूरोपीय संघ का पहला देश बना जिसने AI के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए व्यापक कानून लागू किया। इस कानून के तहत नुकसान पहुंचाने के लिए AI का इस्तेमाल करने वालों के लिए सजा का प्रावधान किया गया है।
