भारत की यह टेक कंपनी बिना कॉलेज डिग्री देगी नौकरी, CEO ने खुद कहा- हमें टैलेंट चाहिए, डिग्री नहीं
- Agency by: Agency
- Updated Dec 4, 2025, 02:29 PM IST
आमतौर पर किसी भी कंपनी में नौकरी के लिए डिग्री की जरूरत होती है लेकिन अब Zoho के CEO श्रीधर वेम्बू ने इस विषय पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि उन्हें किसी की डिग्री की परवाह नहीं और माता-पिता को बच्चों पर डिग्री का दबाव डालना बंद करना चाहिए।
jobs without college degree/photo-Canva
भारत में आमतौर पर छात्र ऊंची पढ़ाई और बड़े संस्थानों में दाखिले का सपना देखते हैं ताकि भविष्य में नामी कंपनियों में नौकरी मिल सके। हर साल लाखों छात्र JEE की तैयारी करते हैं ताकि उन्हें IIT में दाखिला मिल जाए। कुछ छात्र सफल हो जाते हैं, लेकिन कई नहीं और इसी वजह से उन पर परिवारों का दबाव बढ़ जाता है। अब Zoho के CEO श्रीधर वेम्बू ने इस विषय पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि उन्हें किसी की डिग्री की परवाह नहीं और माता-पिता को बच्चों पर डिग्री का दबाव डालना बंद करना चाहिए।
डिग्री अब पहले जितनी जरूरी नहीं?
यह चर्चा तब शुरू हुई जब अमेरिका की कंपनी Palantir ने पारंपरिक डिग्री की जगह हाई स्कूल ग्रेजुएट्स को सीधे काम पर रखने का तरीका अपनाया। इस फैसले के बाद 500 छात्रों ने आवेदन किया, जिनमें से 22 को चुन लिया गया। खास बात यह है कि कुछ छात्रों ने अपने Ivy League कॉलेज के ऑफर तक ठुकरा दिए।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीधर वेम्बू ने कहा कि आज की पीढ़ी बिना डिग्री लिए काम का अनुभव हासिल करना चाहती है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “अब होनहार छात्र कॉलेज छोड़कर सीधे काम में उतर रहे हैं और प्रगतिशील कंपनियां उनका समर्थन कर रही हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि इससे युवा बिना भारी छात्र-ऋण लिए, खुद के पैरों पर खड़े हो पाएंगे, जबकि भारत में कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए लाखों रुपये का कर्ज ले लेते हैं।
वेम्बू की भारतीय अभिभावकों को अपील
वेम्बू ने सीधे भारतीय माता-पिता और कंपनियों से कहा- “मैं चाहता हूं कि भारतीय माता-पिता और कंपनियां इस बदलाव को समझें और इससे सीख लें।”
Zoho में डिग्री की जरूरत नहीं
उन्होंने बताया कि Zoho में किसी भी नौकरी के लिए डिग्री अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा- “अगर कोई मैनेजर डिग्री की मांग के साथ जॉब पोस्ट करता है, तो HR उनसे उस इस शर्त को हटाने के लिए कहेगा।”
वेम्बू ने अपनी टीम के बारे में बताते हुए कहा कि वे ग्रामीण तमिलनाडु के तेनकासी में काम करते हैं और उनकी टीम की औसत उम्र सिर्फ 19 साल है। “उनकी ऊर्जा और सीखने की इच्छा अद्भुत है। मुझे भी उनके साथ कदम मिलाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है।”