स्पोर्ट्स

रिटायर करने की तैयारी में हॉकी इंडिया, जरमनप्रीत सिंह ने कहा 'ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं'

Jarmanpreet Singh On Olympic Ambitions: एक तरफ जहां हॉकी इंडिया ने एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के बाद जरमनप्रीत सिंह सहित चार सीनियर भारतीय खिलाड़ियों का करियर समाप्त करने की योजना बना रखी है। वहीं, दूसरी तरफ जरमनप्रीत सिंह ने ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करने की इच्छा जाहिर कर दी है।

Image

जरमनप्रीत सिंह (Instagram/jarmanpreet_singh)

हॉकी इंडिया ने एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) के बाद जिन चार सीनियर खिलाड़ियों को बाहर करने की योजना बनाई है उनमें जरमनप्रीत सिंह भी शामिल हैं लेकिन इस डिफेंडर का अभी संन्यास लेने का मूड नहीं है और उनकी नज़रें 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों पर टिकी हैं।

हॉकी इंडिया के सूत्रों ने इस महीने की शुरुआत में पीटीआई को बताया था कि जरमनप्रीत, मनदीप सिंह, अमित रोहिदास और नीलकांत शर्मा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में भारत के लिए अपना अंतिम टूर्नामेंट खेलेंगे। भारत ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है।

अमृतसर के रहने वाले 30 वर्षीय जरमनप्रीत ने पीटीआई से कहा, "मैं खेलना जारी रखना चाहता हूं और लॉस एंजिलिस ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। मैं टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना हमारी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह हमारे लिए शानदार अवसर है और हम लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।"

जरमनप्रीत ने कहा, "इस टूर्नामेंट के बाद हम ओलंपिक के लिए अपनी तैयारी शुरू करेंगे। मैं चाहता हूं कि टीम वहां अच्छा प्रदर्शन करे और स्वर्ण पदक जीते।"

कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने संन्यास की अटकलों का अफवाह करार दिया

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी संन्यास की अटकलों को खारिज करते हुए इसे ’अफवाह’ करार दिया। हरमनप्रीत ने सोमवार को टूर्नामेंट पूर्व संध्या पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मुझे नहीं लगता कि यह सही खबर है और हमने टीम में इस बारे में कोई चर्चा नहीं की। मुझे लगता है कि यह महज अफवाह है।"

जरमनप्रीत ने अब तक 171 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। वह पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के एक प्रमुख सदस्य थे। वह 2022 और 2026 में एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे। अर्जुन पुरस्कार विजेता का मानना है कि उन्होंने एक डिफेंडर के रूप में अपने खेल में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।

उन्होंने कहा, "मैंने अपने रक्षात्मक कौशल को बेहतर बनाने, अच्छे अवसर पैदा करने और टीम की जीत में योगदान देने की कोशिश की है। मैं एक डिफेंडर के रूप में अपने खेल में लगातार सुधार करने की कोशिश करता रहूंगा।"

(भाषा)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

और पढ़ें
End of Article