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जहां से करियर शुरू किया वहीं खत्म, शानदार करियर को भारतीय स्टार ने कहा अलविदा

  • Agency by: Agency
  • Updated Mar 5, 2023, 07:46 PM IST

Indian tennis star Sania Mirza: भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने रविवार को एक खिलाड़ी के तौर पर अपनी शानदार यात्रा का समापन उसी स्थान से किया, जहां से उन्होंने इसकी शुरूआत की थी। इस दौरान केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रीजीजू के अलावा रोहन बोपन्ना, युवराज सिंह, बेथानी माटेक सैंड्स, इवान डोडिग, कारा ब्लैक और मारियन बार्टोली शामिल थे।

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सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना के साथ अन्य। (फोटो - किरेन रीजीजू के ट्विटर से)

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Indian tennis star Sania Mirza: भारत की महान टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने ‘खुशी के आंसुओं’ के साथ रविवार को एक खिलाड़ी के तौर पर अपनी शानदार यात्रा का समापन उसी स्थान से किया, जहां से उन्होंने इसकी शुरूआत की थी। सानिया ने लाल बहादुर टेनिस स्टेडियम में प्रदर्शनी मैचों में खेलकर अपने पथ-प्रदर्शक सफर को आखिरकार अलविदा कह दिया, जहां उन्होंने करीब दो दशक पहले ऐतिहासिक डब्ल्यूटीए एकल खिताब के साथ बड़े मंच पर अपने आगमन के संकेत दे दिय थे। प्रदर्शनी मैचों में रोहन बोपन्ना, युवराज सिंह, बेथानी माटेक सैंड्स, इवान डोडिग, कारा ब्लैक और मारियन बार्टोली शामिल थे।

ये पहुंचे थे प्रदर्शनी मैच देखने

प्रदर्शनी मैचों को देखने के लिए पहुंचने वालों में केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रीजीजू, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन, युवराज सिंह, रोबिन उथप्पा, अनन्या बिरला, हुमा कुरैशी, डुलकर सलमान, उनके प्रशंसक, परिवार, दोस्त, खेल हस्तियां और सानिया मिर्जा टेनिस अकादमी के छात्र शामिल थे।

विदाई भाषण के दौरान हुई भावुक

सानिया मिर्जा अपने विदाई भाषण में भावुक हो गई। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान देश के लिए 20 साल तक खेलना रहा है। छह बार (तीन महिला युगल में और तीन मिश्रित युगल में) की ग्रैंड स्लैम चैम्पियन ने दो मिश्रित युगल प्रदर्शनी मैच खेले और दोनों जीते। सानिया ने इस स्थल पर कई यादगार खिताब जीते हैं, जिसे किसी उत्सव की तरह सजाया गया। कुछ प्रशंसकों ने ‘प्लेकार्ड’ पकड़े हुए थे, जिस पर लिखा था, ‘थैंक यू फॉर द मैमोरिज’ और ‘वी विल मिस यू, सानिया’ लिखा था।

दर्शकों में ज्यादातर पहुंचे स्कूल के बच्चे

दर्शकों में ज्यादातर स्कूल के बच्चे थे। जैसे ही सानिया ने कोर्ट में कदम रखा, वे ‘चीयर’ करने लगे। मैच से पहले सानिया ने कहा, ‘मैं आप सभी के सामने अपना अंतिम मैच खेलने के लिए काफी उत्साहित हूं। मैं हमेशा अपना अंतिम मैच हैदराबाद में अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलना चाहती थी और मैं तेलंगाना सरकार की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने यह करवाया। ’

भारतीय खेलों के लिए भी प्रेरणास्रोत

रीजीजू ने कहा, ‘मैं सानिया मिर्जा के विदाई मैच के लिये ही हैदराबाद आया हूं। मैं यहां इतने सारे लोगों को देखकर खुश हूं। सानिया मिर्जा सिर्फ भारतीय टेनिस के लिये ही नहीं, बल्कि भारतीय खेलों के लिये भी प्रेरणास्रोत हैं।’ उन्होंने कहा, ‘जब मैं खेल मंत्री था तो मैं उनके संपर्क में रहता था। मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।’ मैच के बाद रामा राव और तेलंगाना के खेल मंत्री वी श्रीनिवास गौड़ ने सानिया को सम्मानित किया।

टेनिस और खेलों का हिस्सा बनी रहेंगी

सानिया ने कहा, ‘ऐसे भी लोग थे जिन्होंने कहा था कि हम नहीं कर सकते थे, हम ‘क्रेजी’ थे। 30 साल पहले उन्हें यह कहने के लिये मैं उन्हें दोषी नहीं मानती हूं, किसी ने भी नहीं सोचा था कि हम तरह से लोगों से भरे स्टेडियम में खड़े होंगे।’ उन्होंने कहा, ‘मैं आज जो कुछ भी हूं, मेरे माता पिता ने मुझे यह बनाया है और मेरी बहन ने मुझे यह बनाया है, मैं जो भी हूं।’ आगे सानिया ने कहा कि भले ही उन्होंने खेल को अलविदा कह दिया हो, लेकिन वह भारत और तेलंगाना में टेनिस और खेलों का हिस्सा बनी रहेंगी।
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