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कम से कम 5 खिलाड़ी... भारत के पूर्व फील्डिंग कोच दिलीप ने विराट कोहली को लेकर बताई दिलचस्प बात

Former Fielding Coach On Virat Kohli: सभी जानते हैं कि विराट कोहली जब मैदान पर होते हैं तब चाहे वो बल्लेबाजी कर रहे हों, या फिर फील्डिंग, उनका जोश हमेशा हाई रहता है। लेकिन उनकी फील्डिंग को लेकर कुछ दिलचस्प बातें भारत के पूर्व फील्डिंग कोच टी दिलीप ने बताई हैं जिन्होंने विराट के साथ काफी काम किया है।

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विराट कोहली

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • विराट कोहली जैसा फील्डर और कोई नहीं
  • पूर्व फील्डिंग कोच दिलीप ने बताई विराट को लेकर दिलचस्प बातें
  • टीम इंडिया में विराट कैसे अपनी फील्डिंग से सबको प्रभावित करते हैं

टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच टी दिलीप, जिन्होंने हाल ही अपना पद छोड़ा है, उन्होंने कहा विराट कोहली (Virat Kohli) का क्षेत्ररक्षण करते समय जोश अन्य खिलाड़ियों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है और इससे कम से कम पांच अन्य खिलाड़ी अपनी सीमा से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं। दिलीप का भारतीय टीम के साथ लगभग पांच साल का कार्यकाल हाल ही में इंग्लैंड दौरे के बाद समाप्त हुआ। उन्होंने अभ्यास और मैच के दौरान जोश और जज्बा बनाए रखने के लिए भी कोहली की सराहना की।

दिलीप ने जियोस्टार से कहा, "जब विराट कोहली की बात आती है, तो उनके जोश का कोई सानी नहीं है। आपने उन्हें पावरप्ले में देखा है, एक बल्लेबाज के रूप में उनका खेल देखा है। चाहे वह कवर पर हों या शॉर्ट मिड-विकेट पर, उनकी फुर्ती और उनकी डाइव का कोई जवाब नहीं है। पिछली श्रृंखला में भी वह शानदार डाइव लगा रहे थे और काफी चुस्त दुरुस्त थे। वह खेल में हर समय अपना सब कुछ झोंक देते हैं।"

दिलीप ने कहा, "अपने करियर के इस मोड़ पर भी वह डेथ ओवरों में एक छोर से दूसरे छोर तक दौड़ते हैं। जब फील्डिंग फैली होती है तो सर्कल से बाहर निकलने वाले वह पहले खिलाड़ी होते हैं। टीम के लिए ऐसा करना शानदार है।"

कम से कम 5 खिलाड़ियों पर छोड़ते हैं अपना प्रभाव

दिलीप ने कहा कि कोहली के इस जोश का अन्य खिलाड़ियों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा, "विराट कोहली के लिए अभ्यास सत्र और मैच में ज्यादा फर्क नहीं होता। बात सिर्फ विराट की नहीं है; बल्कि उन पांच अन्य खिलाड़ियों की भी है जिन्होंने विराट कोहली के साथ फील्डिंग करते हुए अपनी सीमाओं को पार किया है। यही उनका टीम पर प्रभाव है।"

दिलीप के भारत के फील्डिंग कोच के रूप में कार्यकाल में 2024 टी20 विश्व कप में टीम की जीत शामिल थी, जिसे उन्होंने अपने कार्यकाल का सबसे अच्छा क्षण बताया। उन्होंने कहा, "अगर मैं अपने सबसे बेहतरीन पल को याद करूं, तो मुझे बारबाडोस 2024 याद आता है, न सिर्फ ट्रॉफी, बल्कि उसके बाद ड्रेसिंग रूम का माहौल। मैं उस पल को हमेशा अपने मन में संजोकर रखूंगा।"

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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