Wanindu Hasranga: श्रीलंका के टी20 टीम के कप्तान वनिंदु हसरंगा पिछले दो-तीन दिन से क्रिकेट के गलियारों में सुर्खियां बटोर रहे हैं। बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज के तीसरे वनडे में अंपायर के फैसले पर असहमति जताने और अपशब्द कहने के बाद मैच रेफरी ने कड़ी कार्रवाई की। मेडिंस के खिलाफ मैच रेफरी ने कड़ी कार्रवाई की और 3 डिमेरिट प्वाइंट उनके खाते में जोड़ दिए जिसका असर यह हुआ कि उनके ऊपर दो टेस्ट या चार व्हाइट बॉल मैच खेलने पर प्रतिबंध लग गया।
आईसीसी को दिया चकमा, टेस्ट सीरीज में खत्म हुआ प्रतिबंध
वनिंदु हसरंगा ने श्रीलंका के टीम मैनेजमेंट और बोर्ड के साथ मिलकर आईसीसी को चकमा दिया। मैच के समाप्त होने के बाद ये तो सुनिश्चित था कि अंपायर को अपशब्द कहने के एवज में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और उनके खाते में तीन डीमैरिट प्वाइंट्स आएंगे। हसरंगा के खाते में पहले से ही 5 डीमैरिट प्वाइंट थे। ऐसे में हसरंगा को बैन से बचाने के लिए टेस्ट क्रिकेट में संन्यास से वापसी की चाल चली गई। वनडे मैच के बाद रातों रात टेस्ट टीम की ऐलान हो गया और वनिंदु को टीम में शामिल किया गया। टेस्ट टीम में शामिल होते ही उनके ऊपर दो टेस्ट मैच वाला बैन लागू हो गया और संन्यास से वापसी करते ही बैन का सामना करना पड़ा।
टी20 विश्व कप खेलने पर लटक जाती तलवार
वनिंदु हसरंगा पर व्हाइट बॉल के चार मैचों का प्रतिबंध लगने से उनके 1 जून से शुरू होने जा रहे टी20 वर्ल्ड कप 2024 के शुरुआती मैचों में खेलना मुश्किल हो जाता। वनिंदु टी20 टीम के कप्तान हैं और बगैर कप्तान के टीम बड़े टूर्नामेंट में कैसे उतरती। ऐसे में बड़ी ही चालाकी से हसरंगा और श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के साथ जुगलबंदी करके आईसीसी को गच्चा देकर बैन से बचने में सफल रहे हैं।
