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VHT 2025-26: किशन की पारी पर भारी पड़े देवदत्त पड्डिकल, कर्नाटक ने विशाल टोटल हासिल कर बनाया नया रिकॉर्ड

VHT 2025-26: विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक ने झारखंड के खिलाफ 413 रनों के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए सभी को चौंका दिया। इस टीम ने बुधवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में 15 गेंदें शेष रहते जीत दर्ज करते हुए लिस्ट-ए क्रिकेट में दूसरा सबसे बड़ा टारगेट हासिल किया।

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देवदत्त पड्डिकल (फोटो -PTI)

VHT 2025-26: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बुधवार को घरेलू क्रिकेट का एक ऐसा मुकाबला खेला गया जिसे दशकों तक याद रखा जाएगा। विजय हजारे ट्रॉफी के एक रोमांचक मैच में कर्नाटक की टीम ने झारखंड के खिलाफ 413 रनों के विशाल लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए पूरी दुनिया को चौंका दिया। कर्नाटक ने यह असंभव सा दिखने वाला कारनामा महज 47.3 ओवरों में कर दिखाया और 15 गेंदें शेष रहते जीत दर्ज की। यह लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन-चेज है, जिसने खेल प्रेमियों को दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए उस ऐतिहासिक 438 वाले मैच की याद दिला दी।

ईशान किशन का 'तूफानी' प्रहार: 39 गेंदों में 125 रन

मैच की शुरुआत में झारखंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और स्कोरबोर्ड पर रनों का अंबार लगा दिया। झारखंड की पारी के सबसे बड़े आकर्षण कप्तान ईशान किशन रहे, जिन्होंने मैदान पर 'तूफान' ला दिया। ईशान ने महज 39 गेंदों का सामना करते हुए 125 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली, जिसमें उन्होंने 14 गगनचुंबी छक्के और 7 चौके जड़े। ईशान के अलावा विराट सिंह ने 88 और कुमार कुशाग्र ने 63 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत झारखंड ने 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 412 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। कर्नाटक के लिए अभिलाश शेट्टी ने सबसे ज्यादा 4 विकेट चटकाए।

पडिक्कल और मयंक की ठोस शुरुआत

413 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी कर्नाटक की टीम बिल्कुल भी दबाव में नजर नहीं आई। कप्तान मयंक अग्रवाल और देवदत्त पडिक्कल की सलामी जोड़ी ने टीम को वैसी ही शुरुआत दिलाई जिसकी जरूरत थी। दोनों ने महज 11.5 ओवरों में 114 रनों की तेज तर्रार साझेदारी कर डाली। मयंक अग्रवाल 34 गेंदों में 54 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन पडिक्कल ने एक छोर संभाले रखा। देवदत्त पडिक्कल ने अपनी क्लास दिखाते हुए 118 गेंदों में 147 रनों की यादगार पारी खेली, जिसमें उन्होंने 10 चौके और 7 छक्के लगाए। उनकी इस पारी ने जीत की नींव मजबूत कर दी।

अभिनव मनोहर की 'फिनिशर' पारी

एक समय कर्नाटक ने 40.4 ओवरों में अपने 5 विकेट 325 रन पर गंवा दिए थे और मैच फंसता हुआ नजर आ रहा था। यहां से जीत के लिए रन गति काफी अधिक थी, लेकिन अभिनव मनोहर ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया। मनोहर ने ध्रुव प्रभाकर के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए महज 41 गेंदों में 88 रनों की अटूट साझेदारी कर डाली। अभिनव मनोहर की आक्रामक बल्लेबाजी ने झारखंड के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया और कर्नाटक को जीत की दहलीज के पार पहुँचाया। झारखंड की ओर से सौरभ शेखर और उत्कर्ष सिंह ने 2-2 विकेट लिए, लेकिन वे अपनी टीम को हार से नहीं बचा सके।

लिस्ट-ए क्रिकेट के ऐतिहासिक आंकड़े

यह मुकाबला अब रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज हो गया है। लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने का विश्व रिकॉर्ड अभी भी दक्षिण अफ्रीका के नाम है, जिसने साल 2006 में जोहान्सबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 435 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। कर्नाटक की यह जीत अब इस सूची में दूसरे स्थान पर आ गई है। घरेलू क्रिकेट में इस तरह के उच्च स्कोर वाले मैच का होना भारतीय क्रिकेट की बढ़ती बल्लेबाजी गहराई और आधुनिक क्रिकेट के बदलते स्वरूप को दर्शाता है।

SIddharth Sharma
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सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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