स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। रविवार को वडोदरा में जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे महिला वनडे मैच में, जब सीनियर बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर ने अपना आठवां वनडे शतक पूरा किया, तो टीम की नई कप्तान स्मृति मंधाना ने खड़े होकर तालियों से इसका स्वागत किया। हरमनप्रीत ने 41वें ओवर में 101 गेंद का सामना करते हुए यह मुकाम हासिल किया। भारतीय ड्रेसिंग रूम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और मंधाना ने खड़े होकर उन्हें बधाई दी।
हरमनप्रीत ने बहुत संयमित तरीके से जश्न मनाया। उन्होंने दीप्ति शर्मा से हाथ मिलाया और फिर तुरंत अपनी क्रीज पर वापस चलीं गईं। हरमनप्रीत ने 121 गेंद पर 126 रन बनाए, जबकि दीप्ति 86 गेंद पर 106 रन बनाकर नाबाद रहीं। शुरुआती झटकों से उबरते हुए भारत ने 6 विकेट पर 328 रन का स्कोर खड़ा किया।
दीप्ति शर्मा के साथ की 153 रन की साझेदारी
हरमनप्रीत ने ऑफ-साइड पर शानदार बल्लेबाजी की और कवर ड्राइव व कट शॉट्स के जरिए कई बाउंड्री लगाईं। उन्होंने दीप्ति शर्मा के साथ 153 रनों की साझेदारी की। दीप्ति ने भी आक्रामक अंदाज में शतक जड़ा, जिससे भारत एक मजबूत स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा।
यह मैच भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेली जा रही पहली द्विपक्षीय सीरीज का हिस्सा है। इससे जिम्बाब्वे की टीम को महिला क्रिकेट की शीर्ष टीमों में से एक के खिलाफ खेलने का मौका मिला है। हालांकि, भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान के तौर पर पहली बार टीम की कमान संभाल रहीं स्मृति मंधाना पहले ही ओवर में एक पुल शॉट खेलने के चक्कर में चूक गईं और जल्दी आउट हो गईं। इसके कुछ ही देर बाद शेफाली वर्मा भी आउट हो गईं।
प्रतिका के साथ 124 रन जोड़े
उन्हें नोमवेलो सिबांडा की गेंद पर मिड-विकेट पर कैच आउट किया गया। सिबांडा का यह दूसरा विकेट था। इसके बाद प्रतिका रावल ने हरमनप्रीत का साथ दिया और पारी को संभाला। इस जोड़ी ने 124 रन जोड़े, जिसके बाद 23वें ओवर में रावल 67 गेंद पर 61 रन बनाकर डीप मिड-विकेट पर कैच आउट हो गईं।
तेजल भी स्लॉग स्वीप खेलने में नाकाम रहीं। इसके बाद हरमनप्रीत ने मोर्चा संभाला और अपनी पारी को बेहतरीन ढंग से आगे बढ़ाते हुए शतक पूरा किया। अपनी इस पारी के दौरान उन्हें तीन बार जीवनदान भी मिला, जब विपक्षी खिलाड़ियों ने उनके कैच छोड़े। वनडे में यह हरमनप्रीत का आठवां शतक था। खास बात यह है कि उन्होंने यह पारी तब खेली, जब उन पर भारतीय टीम की कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं थी।
