मुंबई: महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को शनिवार को ‘कर्नल सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार से नवाजा गया। बीसीसीआई के पूर्व सचिव और आईसीसी के मौजूदा चेयरमैन जय शाह ने सचिन को अपने हाथों से भारतीय क्रिकेट के लिए किए योगदान से सम्मानित किया। भारत के लिए 664 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले 51 वर्षीय तेंदुलकर के नाम खेल के इतिहास में टेस्ट और वनडे में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड है। वो 100 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ने वाले दुनिया के एकलौते और टेस्ट क्रिकेट में 50 से ज्यादा शतक जड़ने वाले एकलौते बल्लेबाज हैं।
परिवार के विश्वास,प्यार और बलिदान का परिणाम है ये अवार्ड
कर्नल सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार हासिल करने के बाद सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट करके इसे उस हर शख्स और प्रशंसक को समर्पित किया जिसने उनकी इस यात्रा में सहयोग किया। तेंदुलकर ने ट्वीट कर कहा,'कर्नल सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार पाकर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। 24 साल तक चली मेरी क्रिकेट यात्रा कभी भी मेरी नहीं रही, यह हर कोच के मार्गदर्शन, हर साथी के भरोसे, हर प्रशंसक के अटूट समर्थन और मेरे परिवार के विश्वास, प्यार और बलिदान का परिणाम है।'
हर किसी का अदा किया शुक्रिया
सचिन ने आगे कहा,'यह पुरस्कार खेल और उन लोगों को वापस देने की याद दिलाता है जिन्होंने मुझे सब कुछ दिया। मुझे खुले दिल और असीमित सीमाओं के साथ भारत के लिए बल्लेबाजी करने का मौका देने के लिए बीसीसीआई और हर क्रिकेट प्रेमी को धन्यवाद।' तेंदुलकर की 16 साल की उम्र में पदार्पण से लेकर वनडे में दोहरा शतक जड़ने वाला पहले बल्लेबाज बनने तक की यात्रा निरंतर उत्कृष्टता की खोज रही और जिसमें वह 200 टेस्ट खेलने वाले एकमात्र क्रिकेटर बने रहे।
युवा क्रिकेटरों को दी अहम सलाह
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के वार्षिक पुरस्कार समारोह के दौरान तेंदुलकर ने कहा, 'हमेशा अपने खेल को महत्व दें और अपने खेल का ख्याल रखें। मैं मौजूदा भारतीय क्रिकेटर के तौर पर कभी मैदान पर नहीं उतर पाऊंगा, इसका अहसास मुझे उस अंतिम दिन (2013) हुआ। इसी तरह जब आप संन्यास लेंगे तो आपको अहसास होगा कि आप कुछ साल पहले कहां थे। इसलिए अपने खेल का आनंद लें क्योंकि मौजूदा भारतीय क्रिकेटर के तौर पर आपके अंदर अभी भी बहुत क्रिकेट बचा है और ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहें।'
(भाषा इनपुट के साथ)
