डरबन: कैंसर से जंग जीतकर एक दशक बाद ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में वापसी करने वाले बांए हाथ के सलामी बल्लेबाज निक मेडिन्सन की वापसी बेहद निराशाजनक रही। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन में शुक्रवार को शुरू हुए सीरीज के पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में मेडिंसन के नाम एक अनचाहा शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया। वो ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा गेंद खेलकर खाता खोले बगैर आउट होने वाले ओपनर बन गए हैं। अगर वो एक ओवर और पिच पर डट जाते तो उनके नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज हो सकता था।
33 गेंद खेलने के बाद नहीं खोल पाए खाता
पारी की शुरुआत करने आए मेडिन्सन 33 गेंद पर खाता खोले बगैर पवेलियन लौट गए। पारी के 11वें ओवर की दूसरी गेंद पर मेडिन्सन को मार्को यानसेन ने बोल्ड कर दिया। उनके आउट होते ही ऑस्ट्रेलियाई टीम बैकफुट पर पहुंच गई। उनसे पहले ट्रेविस हेड 9 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौट चुके थे। मुल्डर ने उनका शिकार किया।
कीवी ओपनर के नाम दर्ज है वर्ल्ड रिकॉर्ड
टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा गेंद खेलने के बाद खाता खोले बगैर पवेलियन लौटने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के पूर्व ओपनर डैरिन मरे के नाम दर्ज है। मरे ने साल 1995 में श्रीलंका के खिलाफ 39 गेंद का सामना किया और खाता खोले बगैर पवेलियनल लौट गए। इसके बाद दूसरे पायदान पर जिंबाब्वे के पूर्व ओपनर ट्रेवर ग्रिपर वेस्टइंडीज के खिलाफ किंग्सटन में 36 गेंद में खाता नहीं खोल पाए थे। इस सूची में मेडिन्सन का नाम तीसरे पायदान पर दर्ज हो गया है।
2016 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था आखिरी टेस्ट
34 वर्षीय निक मेंडिसन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए आखिरी टेस्ट मैच 26 दिसंबर 2016 को पाकिस्तान के खिलाफ मेलबर्न में खेला था। उसके तकरीबन 10 साल बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिला। उन्होंने करियर में खेले 3 टेस्ट की 4 पारी में 27 रन बनाए हैं। 22 उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा था। ऐसे में उनकी वापसी खराब रही है।
कैंसर से लड़ी जंग, 579 दिन रहे मैदान से दूर
मैडिंसन को पिछले साल एक गांठ का पता चला। इसके बाद स्कैन से टेस्टिकुलर कैंसर की पुष्टि हुई। इसे हटाने के लिए उनकी सर्जरी हुई लेकिन सात सप्ताह बाद हुए टेस्ट में पता चला कि कैंसर उनके पेट के लिम्फ नोड्स और फेफड़ों तक फैल गया है। पत्नी ने बच्चों की देखभाल के लिए डेंटिस्ट की नौकरी छोड़ दी और मेडिंसन की इस दौरान कीमोथैरिपी चल रही थी। 14 जुलाई को उनकी थैरिपी पूरी हुई। मैडिंसन ने आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच मार्च 2025 में खेला था। ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में वापसी से पहले 579 दिनों तक उन्होंने कोई मैच नहीं खेला और सीधे टेस्ट टीम में वापसी का मौका मिल गया। लेकिन इस परिकथा को वो करिश्माई प्रदर्शन के साथ सुपरहिट बनाने में नाकाम रहे।
