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कोरबो है, लोरबो है, लेकिन जीतबो नहीं....कोलकाता नाइट राइडर्स को लेकर आर अश्विन ने दिया दो टूक बयान

भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि कोलकाता नाइट राइडर्स के गेंदबाजी आक्रमण में अब पहले जैसा खौफ नहीं रहा। जानिए उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स को लेकर क्या कहा?

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कोलकाता नाइट राइडर्स (फोटो क्रेडिट IPL/BCCI)

चेन्नई: भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के गेंदबाजी आक्रमण में अब पहले जैसा खौफ नहीं रहा और उनके ’मिस्ट्री’ स्पिनरों में ’नवीनता का तत्व’ भी फीका पड़ गया है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से पहले केकेआर की ताकत और कमजोरी का विश्लेषण करते हुए अश्विन ने कहा कि भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती पर अब काफी जिम्मेदारी होगी।

नहीं रहा मिस्ट्री बॉलिंग में दम

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'मुझे नहीं लगता कि केकेआर की गेंदबाजी देखकर विरोधी टीम डरेंगी। ’मिस्ट्री फैक्टर’, ’नवीनता’ और खौफ, ये सब अब खत्म हो चुके हैं। पहले बल्लेबाज विश्लेषक के कमरे में जाकर गेंदबाज के हाथ को देखते थे या फिर एक रन लेने की बात सोचते थे। वरुण अपने करियर के ऐसे दौर में हैं जहां उन्हें जवाब ढूंढने होंगे। यह हर क्रिकेटर के विकास का हिस्सा होता है। मुझे लगता है कि नवीनता का तत्व अब खत्म हो गया है।'

आक्रामक बल्लेबाजों को रोकना होगा मुश्किल

अश्विन ने यह भी कहा कि अनुभवी ऑलराउंडर सुनील नारायण की प्रभावशीलता भी कम हो गई है। उन्होंने कहा, 'सुनील नारायण अब अपने एक्शन की वजह से अपनी तेज गेंद नहीं डाल सकते। ईडन गार्डन्स छोटा मैदान है इसलिए विरोधी टीमों के लिए आक्रामक होना आसान हो गया है। 'उन्होंने जोर देकर कहा कि केकेआर के गेंदबाजों के लिए आक्रामक बल्लेबाजी लाइन-अप को रोकना मुश्किल हो सकता है, खासकर छोटे मैदानों पर।

चोटिल खिलाड़ियों ने बढ़ाई मुश्किलें

उन्होंने यह भी कहा कि चोटों और खिलाड़ियों में बदलाव के कारण गेंदबाजी इकाई कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा,'नीलामी के बाद मैंने कहा था कि केकेआर की गेंदबाजी मजबूत है। लेकिन अब मुस्तफिजुर रहमान टीम में नहीं हैं। माथिशा पाथिराना चोटिल हैं और हर्षित राणा भी बाहर हो चुके हैं। केकेआर के पास ब्लेसिंग मुजारबानी हैं जिन्होंने मेहनत की है और मैं उन्हें देखने के लिए उत्साहित हूं। लेकिन इतनी चोटों के बीच किसी को बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी और वो कौन होगा, मुझे नहीं दिखता।'

टीम में नहीं है जीतने का दम

भारतीय तेज गेंदबाज आकाशदीप भी केकेआर के पूरे सत्र के लिए बाहर हो गए हैं। अश्विन ने श्रेयस अय्यर की अनुपस्थिति का भी जिक्र किया जिन्होंने 2024 में केकेआर को तीसरा खिताब जिताया था लेकिन टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया। उन्होंने कहा,'कोरबो है, लोरबो है, लेकिन जीतबो नहीं है। केकेआर ने तीन बार खिताब जीता, दो बार गौतम गंभीर के नेतृत्व में और एक बार श्रेयस अय्यर की अगुआई में।

श्रेयस अय्यर की खल रही है कोलकाता को कमी

अश्विन ने कहा,'श्रेयस अय्यर की कप्तानी प्रभावशाली रही है। केकेआर का नुकसान पंजाब किंग्स का फायदा बन गया।'अय्यर पंजाब किंग्स में शामिल हुए और पिछले साल टीम को एक दशक में पहली बार आईपीएल फाइनल तक पहुंचाया। अश्विन ने यह भी कहा कि अगर कोई खिलाड़ी अपनी भूमिका पूरी नहीं करता है तो टीमों को उसकी फीस में कटौती करने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कैमरन ग्रीन का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया उन्हें पूरे चार ओवर डालने की अनुमति नहीं देता तो आईपीएल टीमों को उनके भुगतान में कटौती करनी चाहिए।

टीमों को मिलना चाहिए ये अधिकार

इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा,'अगर आपने किसी खिलाड़ी को चार ओवर गेंदबाजी और बल्लेबाजी के लिए खरीदा है, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पा रहा है तो टीम को उसके पैसे काटने का अधिकार होना चाहिए। कल्पना कीजिए, अगर आप शाहरूख खान हैं और आपने किसी खिलाड़ी पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और वह कहे कि वह सिर्फ एक ओवर डालेगा तो आपको कैसा लगेगा?।'

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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