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LSG के खिलाफ बड़े मैच से पहले KKR के कोच चंद्रकांत पंडित ने क्या कुछ कहा, यहां जानिए

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  • Updated May 19, 2023, 10:19 PM IST

IPL 2023 KKR vs LSG: कोलकाता नाइट राइडर्स के मुख्य कोच चंद्रकांत पंडित ने घरेलू मैचों का फायदा उठाने में नाकाम रहने का दोष आने ऊपर लेते हुए कहा कि ईडन गार्डन्स की पिच में कुछ भी गलत नहीं है। चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ 14 मई को जीत दर्ज करने के बाद केकेआर के कप्तान नीतीश राणा ने कहा था कि उनकी टीम को छोड़कर हर टीम ने आईपीएल में घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाया।

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चंद्रकांत पंडित (KKR)

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • बड़े मुकाबले से पहले केकेआर के कोच का बयान
  • चंद्रकांत पंडित ने टीम की असफलताओं पर बात की
  • लखनऊ के खिलाफ होगा अहम मैच

कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) के मुख्य कोच चंद्रकांत पंडित ने शुक्रवार को घरेलू मैचों का फायदा उठाने में नाकाम रहने का दोष आने ऊपर लेते हुए कहा कि ईडन गार्डन्स की पिच में कुछ भी गलत नहीं है। चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ 14 मई को जीत दर्ज करने के बाद केकेआर के कप्तान नीतीश राणा ने कहा था कि उनकी टीम को छोड़कर हर टीम ने आईपीएल में घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाया।

दो बार की आईपीएल चैंपियन केकेआर ईडन गार्डन्स पर अपने छह में से चार मैच हारकर बाहर होने की कगार पर है। राणा की टिप्पणी के बाद केकेआर और मेजबान बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू कर दिया था। पंडित ने हालांकि कहा कि राणा की बातों का गलत मतलब निकाला गया और उन्होंने यहां की पिचों पर कभी दोष नहीं मढ़ा।

पंडित ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ अपने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आप लोगों ने इसे (राणा की टिप्पणियों) गलत समझा है। घरेलू लाभ का मतलब है कि जब हम घर पर खेलते हैं, तो हम जीतना चाहते है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ यह पिचों या किसी और चीज के बारे में नहीं है। मैं मैच जीतने की बात कर रहा हूं, और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां घरेलू मैदान का फायदा होने के बावजूद हम कई मुकाबले जीतने में नाकाम रहे।’’

पंडित से जब पूछा गया कि क्या उन्हें यहां की पिच से निराशा हूई तो उन्होंने कहा, ‘‘ समय के साथ हर जगह पिचों में नाटकीय बदलाव आया है। कोई भी इस बात की गारंटी नहीं दे सकता विशेष मैच में पिच का व्यवहार कैसा होगा। कई टीमें इस टूर्नामेंट में घरेलू परिस्थितियों का फायदा नहीं उठा पाई हैं।’’

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