क्रिकेट

ईशान किशन से शिखर मोहन तक, झारखंड के इन 5 खिलाड़ियों ने ईस्ट जोन को बनाया दलीप ट्रॉफी चैंपियन

Duleep Trophy 2026: तमिलनाडु के पूर्व बल्लेबाज और राष्ट्रीय चयनकर्ता श्रीधरन शरथ ने दलीप ट्रॉफी फाइनल के दौरान कहा कि झारखंड से बहुत अच्छे युवा क्रिकेटर आ रहे हैं। ईस्ट जोन की टीम में कप्तान ईशान किशन के साथ अनुभवी विराट सिंह, कुमार कुशाग्र, शिखर मोहन और अनुकूल रॉय शामिल थे।

Image

दलीप ट्रॉफी चैंपियन (फोटो साभार- BCCI Domestic)

Duleep Trophy 2026: एक वक्त था जब झारखंड में क्रिकेट का मतलब सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी हुआ करते थे। लेकिन अब तस्वीर काफी बदल चुकी है। इस साल दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची ईस्ट जोन की टीम में झारखंड के पांच खिलाड़ियों का होना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि यह राज्य अब बल्लेबाजी प्रतिभा का नया गढ़ बन गया है। ईस्ट जोन की टीम में कप्तान ईशान किशन के साथ अनुभवी विराट सिंह, कुमार कुशाग्र, शिखर मोहन और अनुकूल रॉय शामिल हैं। पांच खिलाड़ियों का एक साथ जोनल टीम में आना झारखंड क्रिकेट की बड़ी प्रगति को दिखाता है।

झारखंड से निकले बल्लेबाजी के सितारे

तमिलनाडु के पूर्व बल्लेबाज और राष्ट्रीय चयनकर्ता श्रीधरन शरथ ने भी फाइनल के दौरान कहा कि झारखंड से बहुत अच्छे युवा क्रिकेटर आ रहे हैं। झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) के सचिव और पूर्व भारतीय खिलाड़ी सौरभ तिवारी ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि ईस्ट जोन में पांच खिलाड़ियों का चयन झारखंड क्रिकेट की ग्रोथ है। उन्होंने बताया कि एक और प्रतिभाशाली खिलाड़ी शरणदीप भी चयन का प्रबल दावेदार था।

कुमार कुशाग्र और शिखर मोहन ने किया प्रभावित

तिवारी ने खास तौर पर कुमार कुशाग्र और शिखर मोहन की तारीफ की। उन्होंने कहा, "मैं कुमार के प्रदर्शन से बहुत प्रभावित हूं। वह युवा है लेकिन बेहद परिपक्व है। जहां तक अनुकूल रॉय का सवाल है, वह हमारे बेस्ट प्लेयर्स में से एक है। शिखर मोहन भी काफी टैलेंटेड है और उसने घरेलू सीजन में शानदार प्रदर्शन किया है।" कुशाग्र ने 2022 में महज 18 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था और अब तक 6 शतकों के साथ 2000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। वहीं इस सीजन 2025-26 में डेब्यू करने वाले शिखर मोहन ने 55 की औसत से रन बनाए हैं और दो शतक लगाए हैं।

सौरभ तिवारी ने की कुमार कुशाग्र की तारीफ

सौरभ तिवारी ने कहा कि कुशाग्र हर फॉर्मेट में टीम के लिए योगदान देते हैं। वह सिर्फ बड़े शतक ही नहीं, बल्कि 40-50 रन की उपयोगी पारियां भी खेलते हैं जो मैच में बड़ा अंतर पैदा करती हैं। 413 घरेलू मैच खेल चुके तिवारी ने कहा कि उन्होंने 25 साल तक झारखंड के लिए अलग-अलग एज ग्रुप में क्रिकेट खेला है, इसलिए उन्हें पता है कि कहां कमी है। अब JSCA सिर्फ परफॉर्मेंस पर नहीं, बल्कि स्किल डेवलपमेंट पर भी फोकस कर रहा है। अगर जूनियर लेवल पर तकनीक मजबूत होगी तो खिलाड़ी शतक, दोहरा और तिहरा शतक भी बना सकेंगे।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

और पढ़ें
End of Article