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टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए BCCI ने उठाया बढ़ा कदम, अब खिलाड़ियों की होगी चांदी

BCCI Test Cricket Incentive scheme: टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए बीसीसीआई ने एक बड़ा ऐलान किया है जिससे रेड बॉल खेल रहे प्लेयर्स को खुशी मिलेगी। बोर्ड ने टेस्ट क्रिकेट इंसेटिव स्कीम लॉन्च करने का ऐलान किया है। आइए जानते हैं कि इस स्कीम में कैसे खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा।

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बीसीसीआई टेस्ट क्रिकेट इंसेंटिव स्कीम (फोटो- BCCI)

BCCI Test Cricket Incentive scheme: भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए पांचवें टेस्ट मैच में टीम इंडिया की विशाल जीत के बाद बीसीसीआई ने देश में टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड के सचिव जय शाह ने टेस्ट क्रिकेट इंसेंटिव स्कीम का ऐलान किया है। इसके तहत खिलाड़ियों को अब टेस्ट फीस के अलावा अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। इसके तहत ज्यादा से ज्यादा प्लेयर्स टेस्ट क्रिकेट की खेलेंगे।

बीसीसीआई सचिव जय शाह ने एक्स पर किए गए एक पोस्ट में कहा है कि "मुझे भारत की मेंस टेस्ट टीम के खिलाड़ियों लिए 'टेस्ट क्रिकेट इंसेंटिव स्कीम' की शुरुआत की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, जिसका उद्देश्य हमारे सम्मानित एथलीटों को वित्तीय विकास और स्थिरता प्रदान करना है। 2022-23 सीजन से शुरू होकर 'टेस्ट क्रिकेट प्रोत्साहन योजना' टेस्ट मैचों के लिए 15 लाख रुपये की मौजूदा मैच फीस के ऊपर एक अतिरिक्त इनाम संरचना के रूप में काम करेगी।"

खिलाड़ियों को कैसे मिलेगा फायदा?

जय शाह ने अपने ट्वीट में इस स्कीम के तहत खिलाड़ियों को फायदा कैसे मिलेगा इसे भी बताया है। बीसीसीआई सचिव के मुताबिक एक टेस्ट मैच खेलने के लिए खिलड़ियों को अभी 15 लाख रुपए मिलते हैं। इस स्कीम के तहत अगर कोई खिलाड़ी एक सीजन में 75 फीसदी से ज्यादा मैच में शामिल रहता है। तो प्लेयर को प्लेइंग 11 में शामिल होने के लिए 45 लाख रुपए प्रति मैच के हिसाब से अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा। अगर प्लेयर प्लेइंग 11 में शामिल नहीं होता है लेकिन टीम के साथ जुड़ा रहता है तो उसे 22.5 लाख रुपए प्रति मैच के हिसाब से मिलेंगे।

अगर प्लेयर एक सीजन में 50 फीसदी मैचों में प्लेइंग 11 का हिस्सा रहता है तो उसे 30 लाख रुपये प्रति मैच मिलेंगे। वहीं, प्लेइंग इलेवन से बाहर रहने वाले खिलाड़ी को 15 लाख रुपये प्रति मैच मिलेंगे। वहीं अगर प्लेयर 50 फीसदी से भी कम मैच खेलता है तो उसे कोई भी अतिरिक्त इंसेंटिव नहीं दिया जाएगा।

बीसीसीआई ने क्यों उठाया ये कदम?

बीसीसीआई देश भर में रेड बॉल क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रहा है लेकिन कुछ खिलाड़ी आईपीएल जैसी लीग के लिए टेस्ट क्रिकेट को छोड़ रहे थे। इसमें ईशान किशन का नाम सबसे आगे सामने आया था। किशन द.अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से खुद बाहर हो गए थे और उसके बाद उन्होंने रणजी ट्रॉफी के मैच भी नहीं खेले। हालांकि वे आईपीएल की तैयारी करते नजर आए। ऐसे में बोर्ड ने सख्त एक्शन लेते हुए उन्हें सेंट्रल कांट्रेक्ट से भी बाहर कर दिया। वहीं अब बोर्ड ने नई स्कीम लॉन्च कर खिलाड़ियों को रेड बॉल को तरजीह देने की ओर इशारा किया है।
SIddharth Sharma
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सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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