अध्यात्म

Jau After Navratri: जौ का क्या करें? विसर्जन के बाद कलश, नारियल और सिक्का-सुपारी का क्या किया जाता है?

What To Do With Jau After Navratri Puja: नवरात्रि में जौ बोना शुभ माना जाता है। माता के आगमन के साथ ही नवरात्रि के पहले दिन ज्वार बोया जाता है। वहीं, अब सवाह ये आता है कि आज दशहरे के साथ विसर्जन हुआ है और अब जौ, कलश, नारियल का क्या करना है? यहां से आपको इस सवाल का जवाब मिलेगा।

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नवरात्रि के बाद जौ का क्या करें? (pic credit: iStock)

What To Do With Jau After Navratri Puja: नवरात्रि के बोया हुआ जौ घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है। इस जौ को फेंका नहीं जाता है। यहां से आप जानें कि जौ का क्या किया जाता है। साथ ही विसर्जन के बाद कलश, और सिक्का और सुपारी का क्या किया जाता है, ये भी यहां से जानें।

नवरात्रि की जौ का क्या करें?

नवरात्रि के दौरान बोए गए जौ (जवारे) को महीने की नवमी या दशमी तिथि को विधिपूर्वक काटा जाना चाहिए। कुछ दानों को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या पर्स में रखना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि इससे धन लाभ होता है। इसके बाद, बचे हुए हरे अंकुरों को किसी नदी में विसर्जित कर देना चाहिए या पीपल या बरगद के पेड़ के नीचे रख देना चाहिए, लेकिन उन्हें घर में सूखने नहीं देना चाहिए।

जौ को कहां रखें?

  • कुछ अंकुरित पत्तियां निकालकर, उन्हें लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या पर्स में रखें। इससे आर्थिक लाभ होता है।
  • बच्चों की पढ़ाई की किताबों में भी जौ रखा जा सकता है।
  • बीमार व्यक्ति के लिए, अंकुरित पत्तियां का रस निकालकर भी सेवन किया जा सकता है, जिससे बीमारी से राहत मिलती है।

अंकुरों का विसर्जन कैसे करें?

अंकुरों को विधिपूर्वक और श्रद्धापूर्वक उबाला जाता है। नवरात्रि के बाद, विसर्जन से पहले, देवी दुर्गा की पूजा करके उन्हें प्रसन्न किया जाता है, और फिर ज्वारों को किसी नदी या तालाब में विसर्जित कर दिया जाता है। विसर्जन से पहले, ज्वारों को सिर पर रखकर एक जुलूस भी निकाला जाता है। विसर्जन के बाद, कुछ ज्वारों को घर में धन-स्थान पर रखा जाता है या परिवार के सदस्यों में बांट दिया जाता है। यदि आप जवारे नदी में विसर्जित नहीं कर सकते तो उन्हें पीपल या बरगद के पेड़ के नीचे रख सकते हैं।

विसर्जन के बाद कलश, नारियल और सिक्का-सुपारी का क्या करें?

विसर्जन के बाद आप कलश को अपनी किचन में चावल या और कोई अन्न भरकर रख सकती हैं। इसके अलावा, आप इस कलश का इस्तेमाल तुलसी को जल चढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं। वहीं, कलश में रखा जल पूरे घर में छिड़कें, जो शुभ माना जाता है। नारियल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें, घर के मंदिर में लाल कपड़े में बांधकर रखें या उसे किसी पेड़ की जड़ में दबा दें। कलश में डाले गए सिक्का और सुपारी को निकालकर लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें या पूजा के स्थान पर रखें, जिससे घर में धन-समृद्धि बनी रहे।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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