Weekly Vrat Tyohar January 2024: जनवरी 2024 के दूसरे सप्ताह में कई महत्वपूर्ण उपवास दिन और त्योहार शामिल होंगे। इनमें भौम प्रदोष व्रत, पौष मासिक शिवरात्रि, पौष अमावस्या, लोहड़ी और पौष विनायक चतुर्थी शामिल हैं। लोहड़ी एक ऐसा त्योहार है जो साल में एक बार आता है। लोहड़ी मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में मनाई जाती है। इस सप्ताह पौष माह का प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि एक ही दिन पड़ रही है। दोनों ही व्रत भगवान शिव को समर्पित हैं। पौष अमावस्या के दिन लोग स्नान, दान और पितरों को प्रसन्न करने के उपाय करते हैं। इसके बाद पौष से विनायक चतुर्थी आएगी। आइए जानते हैं जनवरी के दूसरे सप्ताह में पड़ने वाले व्रत त्योहार की डेट।
जनवरी दूसरे सप्ताह के व्रत- त्योहार
कब है भौम प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि
जनवरी 2024 के दूसरे सप्ताह में सबसे पहले भौम प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा। ये दोनों ही व्रत 9 जनवरी 2024 को मंगलवार के दिन रखा जाएगा। भौम प्रदोष व्रत पूजा शाम 5:41 बजे से से रात के 8 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है। वहीं मासिक शिवरात्रि के लिए शिवरात्रि की निशिता पूजा मुहूर्त देर रात 12:01 बजे से मध्य रात्रि 12:55 बजे तक रहेगा।
कब है पौष पूर्णिमा
पौष अमावस्या 2024 की पहली अमावस्या है जो 11 जनवरी को पड़ेगी। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त से स्नान और दान-पुण्य शुरू हो जाते हैं। पौष अमावस्या के दिन आप श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान आदि कर सकते हैं। इससे पितर प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष भी दूर होता है। पौष अमावस्या तिथि 10 जनवरी को 20:10 बजे से 11 जनवरी को 17:26 बजे तक रहेगी।
कब है स्वामी विवेकानंद जयंती
रविवार, 12 जनवरी को स्वामी विवेकानन्द जयंती है। स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था। उनके बचपन का नाम नरेंद्र दत्त था। उनके गुरु का नाम रामकृष्ण परमहंस था। वह 25 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हुए।
कब है साल 2024 में लोहड़ी
लोहड़ी का त्योहार हर साल 13 जनवरी को मनाया जाता है। यह सिख समुदाय का प्रमुख त्योहार है। इस दिन सूर्य देव और अग्नि देवता की पूजा की जाती है। इस दिन किसान अच्छी फसल के लिए भगवान को धन्यवाद देते हैं और कटाई शुरू करते हैं। शाम को तिल, रेवड़ी, मूंगफली, गुड़ आदि का भोग लगाएं। लोहड़ी की आग के साथ अर्पित किया जाता है।
कब है पौष विनायक चतुर्थी 2024
पौष विनायक चतुर्थी पर व्रत रखते हैं और भगवान गणेश की पूजा करते हैं। पौष शुक्ल चतुर्थी का समय 14 जनवरी को सुबह 7:59 बजे से 15 जनवरी को सुबह 4:59 बजे तक है। विनायक चतुर्थी पूजा का सही समय सुबह 11:27 बजे से दोपहर 1:33 बजे तक है।
