Vishnu Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi: कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा की जाती है। इस दिन बनारस में देव दीपावली का त्योहार भी मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक की सारी मनोकामना पूरी होती है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान दान का भी बहुत महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पूर्णिमा के दिन भक्त किसी भी पवित्र नदी में स्नान कर सकते हैं। इस दिन विष्णु आरती करने से साधक को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। यहां देखें विष्णु आरती लिरिक्स हिंदी में।
विष्णु आरती लिरिक्स ( Vishnu Aarti Lyrics Hindi)
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥
जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥
तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥
तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥
तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥
जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥
