अध्यात्म

Vinayak Chaturthi 2023: श्री गणेश का पूजन कर जीवन में आएंगी सुख-समृद्धि, देखें ज्येष्ठ मास में कब मनाई जाएगी विनायक चतुर्थी, महत्व व मुहूर्त

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated May 21, 2023, 11:02 AM IST

Vinayak Chaturthi 2023 Date, Mahatva (विनायक चतुर्थी 2023 तिथि व महत्व): ज्येष्ठ मास की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। श्री गणेश का चतुर्थी पूजन कर जीवन में सुख, शांति, सकारात्मकता और समृद्धि का वास होताहै। यहां देखें इस साल विनायक चतुर्थी कब मनाई जाएगी, शुभ मुहूर्त व महत्व।

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Vinayak Chaturthi 2023: When is Vinayak Chaturthi 2023 know date importance Muhurat

Vinayak Chaturthi 2023 Tithi, Mahatva: सनातन धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र श्री गणेश के पूजन का गहरा महत्व है। किसी भी काम को करने से पहले गणेश जी की पूजा करने से हर काम सफल होता है। हर महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। जिस दिन गणेश भगवान के नाम का व्रत, पूजन, कथा करने से जातकों पर श्री गणेश का आशीर्वाद बना रहता है। ज्येष्ठ यानी मई माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर भी गणेश भगवान का ये सिद्ध संकट हरण व्रत किया जाएगा। यहां देखें ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी कब मनाई जाएगी एवं इसका महत्व क्या है।

विनायक चतुर्थी 2023 Date

हर माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की विनायक चतुर्थी 23 मई 2023 को मनाई जाएगी। ज्योतिष अनुसार चतुर्थी तिथि 22 मई की तारीख को रात 11 बजकर 18 मिनट से शुरु होकर 24 मई रात 12 बजकर 57 मिनट पर समाप्त होगी। अब क्योंकि सनातन धर्म में उदया तिथि को बहुत महत्व दिया जाता है, जिस वजह से 23 मई की तारीख को विनायक चतुर्थी का योग बनेगा।

विनायक चतुर्थी 2023 का महत्व क्या है?

शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर श्री गणेश का पूजन करने से जातकों की सारी मनोकामनाएं पूरी होती है। मांगलिक कार्यों में, संतान प्राप्ति से लेकर व्यापार, व्यवसाय की दिक्कत, कष्टों को हरने में भी विनायक चतुर्थी का गहरा महत्व होता है। इस दिन गणेश जी की धूप, दीप, अक्षत, चंदन, पीले फूल से पूजा की जाती है, तथा गणेश चालिसा का पाठ होता है।

विनायक चतुर्थी पूजा विधि

सबसे पहले सुबह उठकर स्नान आदि कर लें और फिर घर की अच्छे से साफ सफाई करके घर में गंगाजल का छिड़काव कर लें। गणेश जी के पूजन से पहले सूर्य को अर्घ्य देने से भी बहुत लाभ मिलते हैं। फिर पूजा घर में गणेश जी का अभिषेक कर विधिपूर्वक उनका पूजन करें, पूजा के पीले लाल फूल, धूप, दीप, कुमकुम, चंदन, अक्षत, दूर्वा चढ़ाए। भोग में आप श्री गणेश के प्रिय मोदक का प्रसाद बना सकते हैं, अवश्य ही श्री गणेश प्रसन्न होकर आपके ऊपर अपना आशीष बनाएं रखेंगे।

अवनि बागरोला
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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